दमोह।
कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में पर्यटन विभाग एवं स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के सहयोग से आयोजित हिस्टोरिक सिटी सीरीज की कार्यशाला सह संवाद कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने किया।
“भोपाल सिर्फ शहर नहीं, एक जीवंत विरासत” — मंत्री लोधी
श्री लोधी ने कहा कि भोपाल समय, साहित्य, कला और सामूहिक स्मृतियों से निर्मित एक जीवित नगर है। झीलों, पहाड़ियों और ऐतिहासिक बस्तियों में बसे इस शहर की सांस्कृतिक परतें इसे विशिष्ट पहचान देती हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल शीघ्र ही यूनेस्को क्रिएटिव सिटीज़ नेटवर्क में “सिटी ऑफ लिटरेचर” के रूप में अपनी पहचान दर्ज कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है।

मध्य प्रदेश की विरासत को वैश्विक पहचान मिले — शिव शेखर शुक्ला
अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि प्रदेश अपनी बहुरंगी सांस्कृतिक धरोहरों के कारण देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक है। ग्वालियर, ओरछा और भोपाल सहित अन्य ऐतिहासिक नगरों को जनभागीदारी और संस्थागत सहयोग के माध्यम से विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।
“भोपाल की साहित्यिक आत्मा अद्वितीय” — डॉ. बेड़ेकर
पैनल चर्चा में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के अपर प्रबंध संचालक डॉ. अभय अरविंद बेड़ेकर ने कहा कि सिटी ऑफ लिटरेचर के रूप में भोपाल का नामांकन उसकी सांस्कृतिक बहुलता को सम्मानित करता है। उन्होंने बताया कि यहां हिंदी और उर्दू की समृद्ध धारा, साहित्यिक संस्थाएं और सक्रिय समुदाय शहर को विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं।
2026 में मजबूत नामांकन पेश करने की तैयारी
संयुक्त संचालक (प्लानिंग) श्री प्रशांत बघेल ने कहा कि भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक शहर के रूप में उभरने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि 2026 तक यूनेस्को नेटवर्क के लिए और अधिक सशक्त और प्रमाणित नामांकन प्रस्तुत करने की तैयारी पूर्ण कर ली जाएगी।
विशेष हेरिटेज वॉक—गौहर महल से मोती महल तक
कार्यक्रम के उपरांत प्रतिभागियों के लिए हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया, जिसे श्री ओ.पी. मिश्रा एवं श्री ए.आर. रमेश पी. भोले ने मार्गदर्शित किया। वॉक गौहर महल से प्रारंभ होकर इक़बाल मैदान होते हुए ऐतिहासिक मोती महल तक पहुंची। प्रतिभागियों ने भोपाल के स्थापत्य, इतिहास और सामाजिक विरासत के बारे में रोचक जानकारियाँ प्राप्त कीं।
क्या है हिस्टोरिक सिटी सीरीज?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) द्वारा संचालित हिस्टोरिक सिटी सीरीज–2025 के तहत देश के ऐतिहासिक एवं जीवित शहरों की सांस्कृतिक विशिष्टताओं से जनसमुदाय को परिचित कराया जा रहा है। इस पहल में मध्य प्रदेश के तीन नगर—ग्वालियर, ओरछा और भोपाल—को शामिल किया गया है। इससे पहले ग्वालियर में 11 नवंबर और ओरछा में 13 नवंबर को कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।



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