खकरी निर्माण में बड़ा फर्जीवाड़ा: 300 मजदूरों के नाम पर केवल 10 की फोटो, मस्टर रोल में लाखों की हेराफेरी..
दमोह।
जबेरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खैरी सिंगौरगढ़ में चल रहे खकरी निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यहां 300 से अधिक मजदूरों के नाम पर मस्टर रोल तैयार कर लाखों रुपये की मजदूरी दर्शाई जा रही है, जबकि पोर्टल पर अपलोड की गई तस्वीरों में केवल 10 मजदूर ही नजर आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि एक ही एंगल से ली गई तस्वीर को बार-बार अलग-अलग मस्टरों में अपलोड किया गया है, वहीं दूसरी अनिवार्य फोटो पूरी तरह गायब है।
एक फोटो, कई मस्टर — सिस्टम की खुली पोल..
ग्राम पंचायत खैरी सिंगौरगढ़ में दो अलग-अलग कार्यों के लिए 30 से अधिक मस्टर रोल डाले गए हैं। नियमों के अनुसार नरेगा व जी रामजी योजना में मजदूरों की उपस्थिति प्रमाणित करने के लिए प्रतिदिन मौके की फोटो अपलोड करना अनिवार्य है।

लेकिन जांच में सामने आया है कि एक ही फोटो को कई बार अपलोड कर 300 से अधिक मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज की जा रही है।

एपीओ की भूमिका पर सवाल..
मस्टर रोल में फोटो अपलोड करने की जिम्मेदारी जनपद जबेरा में पदस्थ एपीओ (असिस्टेंट प्रोग्राम ऑफिसर) की होती है। इसके बावजूद स्पष्ट तौर पर एक जैसी तस्वीरें स्वीकार कर ली गईं, जिससे यह संदेह और गहरा गया है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि मिलीभगत का मामला हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जी रामजी योजना को भी नरेगा के पुराने भ्रष्ट ढर्रे पर चलाया जा रहा है।
सरपंच का बयान: सवालों से बचते नजर आए..
जब ग्राम पंचायत खैरी सिंगौरगढ़ के सरपंच मूरत सिंह लोधी से इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा—
“खकरी बांधने आसमान से देवता तो नहीं आएंगे, मजदूर ही बांधेंगे।”
हालांकि, जब उनसे यह पूछा गया कि 300 मजदूरों के नाम पर केवल 10 मजदूरों की फोटो क्यों अपलोड की गई, तो वे इस सवाल का कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। उन्होंने केवल मौके पर आकर देखने का निमंत्रण दिया, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी और फोटो अपलोड की अनियमितता पर चुप्पी साध ली।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया..
इस मामले में जब जनपद सीईओ जबेरा रामेश्वर पटेल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
वहीं एसडीओ जबेरा शिवाजी गौंड ने कहा—
“यदि खकरी निर्माण के मस्टर रोल में फोटो अपलोड करने में लापरवाही पाई गई है, तो जिन-जिन मस्टरों में गलत फोटो डाली गई है, उन्हें शून्य किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
जांच की मांग तेज..
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला सरकारी योजनाओं में मजदूरों के हक पर डाका और सार्वजनिक धन की खुली लूट का बड़ा उदाहरण साबित होगा।



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