7 माह से नहीं मिला वेतन, आरईएस विभाग का भृत्य वेतन के लिए भटकने को मजबूर..
दमोह।
जिले के आरईएस (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) विभाग में पदस्थ एक भृत्य को पिछले सात माह से वेतन नहीं मिलने का गंभीर मामला सामने आया है। वेतन के अभाव में कर्मचारी का परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है, वहीं मानसिक तनाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
पीड़ित भृत्य राजकुमार रजक ने बताया कि उनके पिता आरईएस विभाग में स्थायी कर्मचारी थे। पिता के निधन के बाद उन्हें शासन की अनुकंपा नियुक्ति के तहत भृत्य के पद पर रखा गया था। नियमित रूप से विभागीय कार्य करने के बावजूद पिछले सात महीनों से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।
राजकुमार रजक का कहना है कि जब वेतन के संबंध में विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली जाती है, तो हर बार बजट उपलब्ध न होने का हवाला दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर वे दो बार कलेक्टर की जनसुनवाई में भी आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।
वेतन न मिलने के कारण परिवार का दैनिक खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में वे मानसिक रूप से भी अत्यधिक परेशान हैं।
राजकुमार रजक ने कलेक्टर दमोह एवं मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश से मांग की है कि उन्हें शीघ्र वेतन का भुगतान कराया जाए, ताकि वे अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि निम्न श्रेणी के कर्मचारियों का वेतन लंबे समय तक रोके जाने से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ता है।
गौरतलब है कि अनुकंपा नियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों का वेतन रुकना प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में कब तक ठोस कार्रवाई कर पीड़ित कर्मचारी को राहत दिलाता है।



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