विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा आवेदन, मंदिर ट्रस्ट में भ्रष्टाचार के आरोप..

Spread the love

विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा आवेदन, मंदिर ट्रस्ट में भ्रष्टाचार के आरोप..

दमोह।श्री देव रामकुमार जानकी रमण मंदिर लोक न्यास बड़ी शाला, सीतानगर (तहसील पथरिया) से जुड़े गंभीर आरोपों को लेकर सोमवार को कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपा गया। आवेदन में ट्रस्ट की चल-अचल संपत्तियों के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक आदेशों के उल्लंघन की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई है।आवेदनकर्ताओं ने बताया कि श्री देव रामकुमार जानकी रमण मंदिर लोक न्यास वर्ष 1959 से लोक न्यास पंजी में पंजीकृत है।

ट्रस्ट के अंतर्गत ग्राम सीतानगर, रानगिर सहित अन्य गांवों में लगभग 600 एकड़ कृषि भूमि, चार ट्रैक्टर-ट्रॉली, 20 मोटर पंप, बड़ी मात्रा में कृषि व सिंचाई उपकरण, एक महिंद्रा बोलेरो कैंपर 500, महिंद्रा थार वाहन व अन्य साधन शामिल हैं। ट्रस्ट की वार्षिक आय करोड़ों रुपये बताई गई है।पूर्व महंत हरिप्रपन्नदास के 21 अक्टूबर 2023 को स्वर्गवास के बाद ट्रस्ट प्रबंधन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया।

आरोप है कि तथाकथित न्यास समिति के सदस्य अनुज टंडन द्वारा संतोष बिल्यरे को अवैधानिक रूप से महंत/मुहत्तिम नियुक्त कराने का प्रयास किया गया। इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी पथरिया द्वारा 30 अप्रैल 2024 को पारित आदेश को बाद में कलेक्टर दमोह ने 13 नवंबर 2024 को निरस्त कर दिया और मामले को म.प्र. लोक न्यास अधिनियम की धारा 26 के तहत जिला न्यायाधीश दमोह के समक्ष संदर्भित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि लोकहित में ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा एवं प्रबंधन हेतु अस्थायी रूप से अनुविभागीय अधिकारी पथरिया को प्रबंधक एवं तहसीलदार पथरिया को सहायक प्रबंधक नियुक्त किया जाए।

आरोप है कि इसके बावजूद आज तक प्रशासन ने ट्रस्ट की व्यवस्था अपने अधीन नहीं ली, जिससे संतोष बिल्यरे व अन्य द्वारा ट्रस्ट की संपत्तियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।आवेदन में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें पूर्व महंत हरिप्रपन्नदास की तेरहवीं एवं गंगाजली पूजन में लाखों रुपये के फर्जी खर्च दर्शाना, अनाज व अन्य सामग्री की खुर्दबुर्द, सोने के मुकुट गायब होने की आशंका, कृषि उपकरणों के दुरुपयोग, पुण्यतिथि आयोजनों में झूठा हिसाब और प्रशासनिक स्तर पर रिश्वत के आरोप शामिल हैं।

आवेदनकर्ताओं ने कलेक्टर से मांग की है कि ट्रस्ट की संपूर्ण चल-अचल संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि लोक न्यास की संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सके।

About The Author

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com