आज महाकाली बस्ती का हिंदू सम्मेलन मां बड़ी देवी प्रांगड़ में संपन्न हुआ जिसमें मुख अतिथि के रूप में पंडित श्री मान आशीष दत्त कटारे, मुख्य भक्त श्री मान श्रवण जी भाईसाब प्रांत सह प्रचारक, मातृशक्ति से मेघा ताम्रकार प्रांत कार्यालय प्रमुख राष्ट्र सेविका समिति, समिति संयोजन राजीव अयाची उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरूआत हनुमान चालीसा के 11 पाठ, गौ पूजन, कन्या पूजा , तुलसी पूजा, भूमि पूजन, से की गई, कार्यक्रम संयोजक राजीव अयाची ने कार्यक्रम का आयोजन का प्रयोजन बताया, मुख्य अतिथि पंडित आशीष दत्त कटारे द्वारा हिंदू धर्म संस्कृति,के बारे में सबका मार्ग दर्शन किया, मात्र शक्ति से मेघा ताम्रकार ने बताया
हमारे आदर्श भरत जैसे साहसी बालक है जो शेर के मुंह में हाथ को डाल कर दांत गिनने की क्रीड़ा करते है, गुरु गोविंद सिंह के वीर सपूत जिन्हें दीवाल में चुनवाया जाता है, अंत समय में धर्म परिवर्तन करना नहीं स्वीकारा हमारी बहिनों के लिए आदर्श रानी लक्ष्मी बाई अहिल्या बाई होलकर एवं जीजा माता है, जिन्होंने शिवाजी जैसे वीर बालक का निर्माण किया। देश में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार कैसे हमारे देश की माताएं अवला है नहीं अपितु मां दुर्गा को पूजने वाली है जिन्होंने महिषासुर का मर्दन कीया। देश में धर्मांतरण व लावजिहाद जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए, हमारे परिवार का वातावण कैसा हो किस प्रकार बालक बालिका संस्कारवान बने यह हम माताओं की जिम्मेदारी है स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग होना चाहिए पर्यावरण संरक्षण में भी हमारी भूमिका पर प्रकाश डाला। जात पात में नहीं बटना है यह एक दीमक की तरह है जो हमें खोखला कर रहा है।
मुख्य श्रीमान श्रवण जी ने बताया हिंदू सम्मेलन देश के हर राज्य हर प्रदेश, हर नगर, ग्राम बस्ती, में किया जा रहा है, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संग की स्थापना 100 साल पहले हुई 27 सितंबर 1925 विजय दशमी के दिन की किसने की डॉक्टर हेडगेवार ने की क्यों की हिंदुओं को एक करने के लिए, डॉक्टर हेडगेवार जालियां बाला हत्या कांड देखते है तो नजर आता है, की गोली चलाने वाला हिंदू गोली खाने वाला हिंदू, समाज के लोगों में क्या हो गया अपने लोगों को ही गोली चलाने की जरूरत पड़ी, जब बहा से आए लोगों से मिले कि आजादी तो मिल जाएगी अंग्रेज चले जाएंगे,उस काल खंड मे जेल में भी गए, कई प्रकार के आंदोलन में भाग लिया दुर्भाग्य से हमारे देश को 2 दुखड़े में बाट दिया गया, पाकिस्तान के अंदर हिंदू रह तब स्वयं सेवकों से कहा गया कि हमें एक एक हिंदू को सुरक्षित बापिस लाना है, और सारे स्वयं सेवक हिंदुओं को बचाने काम में जुट गए, देश पर आए हर संकट से बचाने के लिए स्वयं सेवकों ने अपनी भूमिका निभाई, 1962 की जंग में स्वयं सेवक देश सेवा करते नजर आए, जिस देश में राम का जन्म होता है उसी देश में मंदिर को तोड़ दिया जाता है, 500 वर्षों के संघर्ष न जाने कितने लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी जब जा कर आज हम भव्य राम मंदिर का रूप देख रहे है, भारत का इतिहास बहुत पुराना है, जब विश्व कपड़े पहनना नहीं जानता था, तब भारत कपड़े का बहुत बड़ा उत्पादक था, भारत ज्ञान का देश था तक्षशिला में हमारे ज्ञान विज्ञान की पुस्तकों में आग लगा दी जाती है 6 महीने तक बह आग जलती रही, आज हिन्दुओं को एकत्रित होने की जरूरत है अपनी संस्कृति, भाषा, भेष भूषा, बचाने के लिए, जातियों में बट कर देश आगे नहीं बढ़ेगा, हमारा समाज सही दिशा में है हमको किसी से सीखने की जरूरत नहीं, हमारे साधु संतो ने हमारे पूर्वजों ने, हमारे धर्म ने हमे सब कुछ दिया है, हम सर्वे भवन्तु सुखिना की बात करते है, कोविट के अंदर हमने देखा किस प्रकार हमने विदेशो को भी बचाने का काम किया, आज विश्व भारत को एक शांति देश के रूप में देखता है, हिंदू हमेशा सबके भले की बात करता है, लेकिन हमें संगठित होना होगा, हम एक रहेंगे तो देश सुरक्षित रहेगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बच्चों की प्रस्तुतियों ने सभी हिंदुओं का मन मोह लिया। मंचीय कार्यक्रम के बाद समरसता भोज का आयोजन किया गया ।
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