दमोह बना प्रदेश का इकलौता दोहरे सम्मान वाला जिला
मतदाता सूची पुनरीक्षण और पेपरलेस मतदान में प्रदेश में प्रथम स्थान
दमोह | 16 फरवरी 2026
मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के 32वें स्थापना दिवस समारोह में दमोह जिले ने इतिहास रचते हुए दो बड़े पुरस्कार अपने नाम किए। इस अवसर पर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते दमोह पूरे प्रदेश में नई मिसाल बना है।
कलेक्टर श्री कोचर ने बताया कि मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान में दमोह जिले में सर्वाधिक 22 हजार दावे-आपत्तियों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। यह आंकड़ा मध्य प्रदेश में सर्वाधिक रहा, जिसके चलते दमोह को पुनरीक्षण कार्य में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। उन्होंने इस सफलता का श्रेय जिला प्रशासन, निर्वाचन शाखा और सभी संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों को दिया।
दूसरा सम्मान जिले को 29 दिसंबर को 77 मतदान केंद्रों पर पूर्णतः पेपरलेस मतदान को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए मिला। कलेक्टर ने बताया कि यह प्रक्रिया अत्यंत सुचारू, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त रही, जिससे मतदान व्यवस्था में नवाचार और दक्षता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत हुआ।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि दमोह प्रदेश का एकमात्र जिला है जिसे राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा एक ही समारोह में दो पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व और गौरव का विषय है। उन्होंने निर्वाचन कार्य में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जागरूक मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
दमोह बना प्रदेश का इकलौता दोहरे सम्मान वाला जिला..



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