दमोह में भगवान परशुराम जयंती पर निकलेगी भव्य शोभा यात्रा, मातृशक्ति ने संभाली तैयारियों की कमान..

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दमोह में भगवान परशुराम जयंती पर निकलेगी भव्य शोभा यात्रा, मातृशक्ति ने संभाली तैयारियों की कमान..

20 अप्रैल को शिव-पार्वती मंदिर से होगा शुभारंभ, बैठकों के जरिए बनाई जा रही विस्तृत रणनीति..


दमोह 14 अप्रैल (मंगलवार)
भगवान परशुराम जयंती के पावन अवसर पर 20 अप्रैल को दमोह जिला मुख्यालय पर भव्य और ऐतिहासिक शोभा यात्रा निकाली जाएगी। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी आयोजन को विशेष रूप देने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, जिससे पूरे शहर में उत्साह और धार्मिक आस्था का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, सिविल वार्ड स्थित प्राचीन शिव-पार्वती मंदिर से शोभा यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर संध्या समय निकलेगी, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा, आकर्षक धार्मिक झांकियां, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी मुख्य आकर्षण होंगे।


मातृशक्ति की सक्रिय भूमिका..


आयोजन को सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए विप्र समाज की मातृशक्ति ने तैयारियों की कमान संभाल ली है। इसी क्रम में 14 अप्रैल को शिव-हनुमान-शनि (जेल मंदिर) परिसर में महिलाओं की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शोभा यात्रा की रूपरेखा और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।


बैठक में “विप्र नारी शक्ति सेवा संस्था” की महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। आयोजन की हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को सुचारु बनाने पर विशेष जोर दिया गया।


एकजुटता से सफल होगा आयोजन..


बैठक को संबोधित करते हुए मीना पाठक ने कहा कि यह आयोजन समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और सभी की सहभागिता से ही इसे भव्य बनाया जा सकता है। उन्होंने महिलाओं से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि एकता ही आयोजन की सफलता की कुंजी है।


समितियों का होगा गठन..


कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप देने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया जाएगा, जो सजावट, सुरक्षा, जलपान और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगी। आयोजकों ने शहरवासियों से भी इस धार्मिक आयोजन में सक्रिय सहभागिता की अपील की है।


बैठक के दौरान “जय जय परशुराम” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर डॉ. हंसा वैष्णव, आरती पाठक, श्रेया पाठक, आरती चौबे, ज्योति दुबे सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।


भगवान परशुराम जयंती के इस आयोजन में दमोह में धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

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