न्यू दमोह कॉलोनी की शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, रहवासियों ने प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग..
दमोह। शहर की न्यू दमोह कॉलोनी में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे को लेकर स्थानीय रहवासियों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। रहवासियों ने आरोप लगाया है कि बायपास रोड स्थित रूद्र पब्लिक स्कूल एवं सरदार पटेल स्कूल के सामने निर्माण विभाग के कार्यालय हेतु आरक्षित शासकीय भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार उक्त भूमि शासन के स्वामित्व वाली है और भविष्य में शासकीय उपयोग के लिए आरक्षित है। आरोप है कि कुछ लोगों ने भूमि पर टपरिया बनाकर स्थायी कब्जा जमाने की कोशिश शुरू कर दी है। रहवासियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार मौखिक रूप से शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
बिजली कनेक्शन देने पर उठे सवाल..
रहवासियों ने आरोप लगाया है कि जिस भूमि पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है, वहां बिजली विभाग द्वारा विद्युत कनेक्शन भी उपलब्ध करा दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासकीय भूमि पर बिना वैध स्वामित्व और आवश्यक दस्तावेजों के बिजली कनेक्शन दिया जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने इस मामले में संबंधित विभागीय अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
पूर्व की घटनाओं का भी किया उल्लेख..
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इसी क्षेत्र से जुड़े कुछ मामलों को लेकर पूर्व में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। उनका दावा है कि शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने 5 जनवरी 2026 को मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया था।
रहवासियों का कहना है कि क्षेत्र में पूर्व में भी कानून-व्यवस्था से जुड़े गंभीर मामले सामने आए हैं। उन्होंने एक दलित युवक पर हुए जानलेवा हमले तथा उसके बाद उत्पन्न परिस्थितियों का भी उल्लेख करते हुए प्रशासन से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग..
न्यू दमोह कॉलोनी के रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो शासकीय भूमि पर स्थायी कब्जा हो सकता है, जिससे भविष्य में सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक उपयोग के कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर पालिका, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन से संयुक्त कार्रवाई कर भूमि की वास्तविक स्थिति का परीक्षण करने तथा यदि अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाने की मांग की है।
उच्च स्तर पर शिकायत की चेतावनी..
स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे पुनः राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य शासन और अन्य सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष विस्तृत शिकायत प्रस्तुत करेंगे। उनका कहना है कि शासकीय संपत्ति की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, इसलिए मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भूमि की वास्तविक स्थिति क्या है और लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है।



More Stories
विश्व पर्यावरण दिवस पर एसपी आनंद कलादगी ने किया वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश..
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर एसपी आनंद कलादगी ने घोषित किया 10 हजार रुपये का इनाम..
कोतवाली चौराहे पर उतरे एसपी आनंद कलादगी, सड़क सुरक्षा को लेकर दिखाई सख्ती..