मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगाए जा रहे आरोप निराधार, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर किया जा रहा प्रस्तुत : मंत्री लखन पटेल..
जटाशंकर कार्यालय में प्रेस वार्ता कर दी सफाई, भूमि, कंपनी और पारिवारिक व्यवसाय को लेकर रखे दस्तावेजी तथ्य..
दमोह। मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री लखन पटेल ने बुधवार को दमोह स्थित जटाशंकर कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उनके परिवार पर लगाए जा रहे आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया। उन्होंने कहा कि हाल ही में प्रकाशित कुछ समाचारों और कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई प्रेस वार्ताओं के माध्यम से मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि उपलब्ध अभिलेख और सार्वजनिक दस्तावेज इन आरोपों का समर्थन नहीं करते।
राज्यमंत्री पटेल ने कहा कि 23 जून को प्रकाशित समाचार में मुख्यमंत्री, उनके परिवार और रिश्तेदारों के स्वतंत्र व्यवसायों तथा भूमि संबंधी लेन-देन को आपस में जोड़कर भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पिछड़ा वर्ग से आने वाले जनप्रतिनिधि हैं और राजनीतिक कारणों से उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री की भूमि में नहीं हुई कोई वृद्धि..
मंत्री पटेल ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान प्रस्तुत शपथ-पत्र के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास 17.967 एकड़ कृषि भूमि थी और वर्तमान में भी उनके पास उतनी ही भूमि है। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी कृषि भूमि में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की पत्नी सीमा यादव के नाम दर्ज कृषि भूमि भी लगभग यथावत है। अधिकांश भूमि वर्ष 2008 से 2019 के बीच खरीदी गई थी, जो मुख्यमंत्री पद ग्रहण करने से काफी पहले की है।
कंपनी से वर्षों पहले अलग हो चुके थे मुख्यमंत्री..
राज्यमंत्री ने बताया कि सिद्धि विनायक देवकॉन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी वर्ष 2008 में कृषि गतिविधियों के उद्देश्य से स्थापित की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी पत्नी सीमा यादव वर्ष 2017 में ही कंपनी के निदेशक पद से अलग हो चुके थे। इतना ही नहीं, मार्च 2026 में उन्होंने अपने सभी शेयर भी त्याग दिए हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी के पास नवंबर 2023 में 68.43 एकड़ भूमि थी, जो जून 2026 में घटकर 65.69 एकड़ रह गई है। ऐसे में कंपनी के माध्यम से भूमि अर्जित करने के आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत साबित होते हैं।
परिवार के सदस्यों द्वारा खरीदी गई भूमि पुरानी या कृषि क्षेत्र में स्थित..
मंत्री पटेल ने बताया कि मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव द्वारा ग्राम सांवरखेड़ी में खरीदी गई लगभग 16.38 एकड़ कृषि भूमि वर्ष 2019 से मार्च 2023 के बीच खरीदी गई थी। यह खरीद मुख्यमंत्री बनने से पहले हुई थी और उज्जैन मास्टर प्लान-2035 लागू होने से भी पहले की है।
वहीं मुख्यमंत्री की पुत्रवधू शालिनी यादव द्वारा ग्राम गंगेड़ी में वर्ष 2025 में खरीदी गई लगभग 10 एकड़ भूमि कृषि क्षेत्र में स्थित है और किसी विकसित, व्यावसायिक अथवा मास्टर प्लान प्रभावित क्षेत्र का हिस्सा नहीं है।
रिश्तेदारों के व्यवसाय को मुख्यमंत्री से जोड़ना अनुचित..
प्रेस वार्ता में राज्यमंत्री लखन पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री के रिश्तेदार अपने-अपने व्यवसाय स्वतंत्र रूप से संचालित करते हैं। उनके निजी व्यापारिक निर्णयों या आर्थिक गतिविधियों को मुख्यमंत्री से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से गलत है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का परिवार वर्ष 1998 से विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है और राजनीति में रहते हुए व्यवसाय करना कोई अपराध नहीं है। यदि कोई व्यक्ति वैधानिक रूप से व्यापार करता है तो उसे गलत नहीं कहा जा सकता।
मास्टर प्लान को लेकर भी दिया स्पष्टीकरण..
मंत्री पटेल ने बताया कि उज्जैन मास्टर प्लान-2035 मई 2023 से प्रभावशील हो चुका था, जबकि डॉ. मोहन यादव ने 13 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद संभाला। इसलिए यह कहना कि मुख्यमंत्री बनने के बाद किसी विशेष क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के लिए विकास योजनाएं बनाई गईं, पूरी तरह निराधार है।
उन्होंने कहा कि सड़क, हाईवे अथवा अन्य विकास कार्य पूर्व निर्धारित योजनाओं और मास्टर प्लान के अनुसार ही किए जा रहे हैं।
‘कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट’ के आरोप भी बेबुनियाद..
राज्यमंत्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संपत्तियों का पूरा विवरण चुनावी शपथ-पत्र में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। किसी प्रकार के पद के दुरुपयोग, हितों के टकराव या अनुचित लाभ लेने के आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सार्वजनिक रूप से कहा है कि डॉ. मोहन यादव पर लगाए जा रहे आरोप जबरन लगाए गए प्रतीत होते हैं।
मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की साजिश : पटेल..
प्रेस वार्ता के अंत में मंत्री लखन पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर लगाए जा रहे सभी आरोप असत्य, निराधार और राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों और सार्वजनिक रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि परिवार की अधिकांश संपत्तियां मुख्यमंत्री बनने से पहले की हैं तथा तथ्यों को संदर्भ से काटकर प्रस्तुत कर भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा, “मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं कि लगाए गए सभी आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। यह पूरा घटनाक्रम केवल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की छवि खराब करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।”



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