रानी दुर्गावती का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायी मिसाल : केंद्रीय राज्यमंत्री उइके..
बलिदान दिवस पर सिंग्रामपुर में हुआ गरिमामय आयोजन, रानी दुर्गावती के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प..
दमोह। वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर सिंग्रामपुर में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में केंद्रीय एवं प्रदेश सरकार के मंत्रियों सहित जनप्रतिनिधियों ने उनके शौर्य, त्याग और राष्ट्रभक्ति को नमन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने रानी दुर्गावती के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र और समाज के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।
केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने कहा कि इतिहास में पहली बार महिलाओं को संगठित कर सैन्य प्रशिक्षण देने और उन्हें आत्मरक्षा व राष्ट्ररक्षा के लिए सक्षम बनाने का कार्य रानी दुर्गावती ने किया था। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की वही भावना आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित विभिन्न योजनाओं में दिखाई देती है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उल्लेख करते हुए इसे आदिवासी समाज के सम्मान का प्रतीक बताया।
प्रदेश के आदिम जाति कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि आदिवासी युवाओं को उच्च प्रशासनिक एवं न्यायिक सेवाओं में अवसर दिलाने के लिए जबलपुर में विशेष आवासीय प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त से आईएएस तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क आवास, भोजन और कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही क्लैट परीक्षा की तैयारी के लिए भी विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था की जाएगी।
मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्रदेश सरकार आदिवासी गौरव और संस्कृति के संरक्षण के लिए ‘रानी दुर्गावती लोक’ की स्थापना की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने चौरई में बड़े देव मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले मेले के लिए प्रतिवर्ष 30 लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने कहा कि रानी दुर्गावती ने मुगल आक्रांताओं के विरुद्ध अदम्य साहस का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनका जीवन त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणादायी मिसाल है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2024 में सिंगौरगढ़ क्षेत्र में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई थी। उन्होंने कहा कि लगभग 500 वर्ष पूर्व रानी दुर्गावती द्वारा विकसित की गई व्यवस्थाओं और योजनाओं की दूरदर्शिता आज भी लोगों को प्रेरित करती है। उन्होंने युवाओं से नशामुक्ति, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के लिए आगे आने का आह्वान किया।
मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा कि रानी दुर्गावती केवल एक वीरांगना नहीं, बल्कि साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अमर प्रतीक हैं। उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने रानी दुर्गावती के योगदान को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया और समाज में शिक्षा, संस्कार तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत बनाने का संदेश दिया।



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