उर्वरक विक्रेताओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, चार लाइसेंस निलंबित..

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उर्वरक विक्रेताओं पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, चार लाइसेंस निलंबित..

निरीक्षण में मिली अनियमितताएं, उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत कार्रवाई

दमोह। किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित दरों पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सघन निरीक्षण अभियान के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर चार उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-विकास प्रणाली, निःशुल्क टोकन सुविधा तथा कंट्रोल रूम के माध्यम से किसानों की शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। सघन उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण अभियान के दौरान निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने पर मै. राकेश कृषि केंद्र (हटा), मै. दिगम्बर कृषि सेवा केंद्र (दमोह) एवं मै. पारस ट्रेडर्स (बटियागढ़) सहित चार उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए। यह कार्रवाई उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत की गई है।


लापरवाही पर शिक्षिका निलंबित, बीईओ कार्यालय बनाया मुख्यालय..

समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने और कर्तव्य में लापरवाही का मामला

दमोह। जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय प्राथमिक शाला बिजौरा की शिक्षिका प्रियंका बड़गैया को कर्तव्य में लापरवाही एवं समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में शिक्षिका का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, दमोह निर्धारित किया गया है। विभाग द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


डायमंड सीमेंट प्रॉपर्टीज को श्रम विभाग का नोटिस

सुरक्षा उपकरण, ओवरटाइम भुगतान और श्रमिक सुविधाओं में मिलीं खामियां

दमोह। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, श्रम विभाग ने निरीक्षण के दौरान श्रम कानूनों के उल्लंघन के आरोप में डायमंड सीमेंट प्रॉपर्टीज (हाइडेलबर्ग सीमेंट इंडिया लिमिटेड), नरसिंहगढ़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

20 जून 2026 को किए गए निरीक्षण में कारखाना अधिनियम, 1948 के तहत श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराना, ओवरटाइम कार्य का नियमानुसार दोगुना भुगतान नहीं करना तथा रेस्ट रूम और लंच रूम की समुचित व्यवस्था नहीं होना पाया गया। इसके आधार पर फैक्ट्री अधिभोगी एवं प्रबंधक को सात दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


तीन तहसीलदार और दो नायब तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस

लोक सेवा गारंटी के लंबित मामलों पर कलेक्टर सख्त

दमोह। मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम, 2010 के तहत समय-सीमा से बाहर लंबित आवेदनों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने तीन तहसीलदारों एवं दो नायब तहसीलदारों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।

कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण कर संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के अभिमत सहित तीन दिवस के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करें। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

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