हटा के सांदीपनि विद्यालय के सामने तीन साल से जलभराव की समस्या
कीचड़ और जलभराव से जूझते मासूम, दलदल भरे रास्ते से स्कूल पहुंचने को मजबूर बच्चे
हटा। नगर पालिका हटा क्षेत्र के बूढ़ा हटा गांधी वार्ड स्थित सांदीपनि विद्यालय के सामने जलभराव और कीचड़ की गंभीर समस्या के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता पूरी तरह पानी और कीचड़ से भर जाता है, जिससे मासूम बच्चों को दलदल जैसे हालात में स्कूल आना-जाना पड़ रहा है। कई बार बच्चे फिसलकर गिर भी जाते हैं, जिससे अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले तीन वर्षों से लगातार बनी हुई है। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन और संबंधित विभाग अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं कर पाए हैं। लोगों का आरोप है कि बस स्टैंड से गांधी वार्ड होते हुए बूढ़ा हटा आंगनवाड़ी तक बनाई गई सीसी सड़क के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। परिणामस्वरूप बारिश का पानी विद्यालय के सामने जमा होने लगा और हर वर्ष स्थिति और अधिक गंभीर होती जा रही है।
विद्यालय में अध्ययनरत छोटे-छोटे बच्चों को प्रतिदिन पानी और कीचड़ से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। कई छात्र-छात्राएं रास्ते में फिसलकर गिर चुके हैं। ऐसे हालात में बच्चों के कपड़े और जूते खराब होने के साथ-साथ चोट लगने का भी खतरा बना रहता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर वे लगातार चिंतित रहते हैं, लेकिन समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है।
विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य मालती जैन ने भी स्वीकार किया कि बारिश के दौरान विद्यालय के सामने जलभराव के कारण बच्चों और शिक्षकों को परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया है और समस्या के स्थायी समाधान की आवश्यकता है।
वहीं, हटा एसडीएम राकेश मरकाम ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। संबंधित विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा तथा समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बारिश के मौसम में सामने आने वाली यह तस्वीरें एक बार फिर नगर पालिका की व्यवस्थाओं और जल निकासी की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही हैं।
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विद्यालय के सामने जलभराव और कीचड़ की समस्या का जल्द से जल्द स्थायी समाधान कराया जाए, ताकि मासूमों को सुरक्षित वातावरण में विद्यालय आने-जाने की सुविधा मिल सके।



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