राम मिश्रा कहते हैं रक्तदान ही जीवनदान है, करके देखें, अच्छा लगता है
राम मिश्रा 36 बार कर चुके है रक्दान
दमोह : रक्तदान जीवनदान सेवा समिति, रक्तदान सेवा समिति एवं और भी कई ऐसी समितियां है जो निरंतन रक्तदान कर रही है, उनमें एक राम मिश्रा भी है, जो कहते हैं रक्तदान ही जीवन दान है, करके देखे अच्छा लगता है, वे केहते है मुझे भी 36 बार रक्तदान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। शैलैन्द्र जैन द्वारा भी रक्तदान किया गया है। शैलेन्द्र लगभग 10 से 11वीं बार रक्तदान कर चुके है।
राम मिश्रा ने कहते हैं जो अभी रक्तदान करने से डरते है, कि रक्तदान करने से कमजोरी आ जाती है या रक्तदान करने से किसी प्रकार की कोई कमी आ जाती है तो यह गलत है, यदि रक्तदान करने से कोई कमी या कमजोरी आती होती तो, 36 बार रक्तदान करने से मेरे अंदर भी कोई कमी या कमजोरी आ जाती। जैसे की मेरे अंदर कोई कमी नहीं आई है, रक्तदान करने वालों के अंदर भी कोई कमी नहीं आयेगी।
उन्होंने सभी से, मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों से आग्रह करते हुये कहा है कि आप सभी रक्तदान करें और अन्य लोगों से भी रक्तदान करायें। दमोह में मात्र 20 प्रतिशत शहरी क्षेत्र है जबकि 80 प्रतिशत में ग्रामीण क्षेत्र है, यदि गांव के लोग रक्तदान नहीं करेंगे तो हम जैसे रक्तदान करने वाले लोग कितने मरीजों की व्यवस्था कर पायेंगे। उन्होंने सभी से पुन: आग्रह करते हुये कहा है कि रक्तदान अवश्य करें और करवायें।


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