जयकारो के साथ हुआ मासिक महाआरती का आयोजन..

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जयकारो के साथ हुआ मासिक महाआरती का आयोजन
दमोह।
 श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के निर्देशन में हर माह की भांति माह के प्रथम रविवार में जबेरा की कृषि पद मंडी में मासिक महा आरती का भव्य आयोजन किया गया कार्यक्रम के पहले दो-दो मिनट के मां एवं गुरुवर जी के जयकारे लगाए गए आरती के पश्चात उपस्थित सभी मां भक्तों ने आरती संपन्न की समापन के पश्चात चिंतनों का संचालन लखन रैकवार जी ने किया चिंतनों की प्रथम कड़ी में भगवती मानव कल्याण संगठन दमोह की जिला सचिव शुभांगी ठाकुर जी ने कहा कि देश का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए हमें आने वाली पीढ़ी का भविष्य उज्जवल बनाना चाहिए हमारे छोटे-छोटे बच्चों में अच्छे संस्कार भरकर नशा मुक्त मांसाहार मुक्त के लिए प्रेरित करना चाहिए

तभी हमारा देश नशा मुक्त हो सकेगा। चिंतनों की अगली कड़ी में नशा मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह जी ने कहा हम आजादी के बाद भी गुलामी का जीवन जी रहे हैं क्योंकि आज भी हम नशें के गुलाम हैं चंद्र नेताओं के गुलाम क्योंकि आजादी के बाद किसी ने यह निर्णय नहीं लिया कि हमारा देश हमारा प्रदेश नशा मुक्त हो शराब मुक्त हो अपराध मुक्त हो वही भगवती मानव कल्याण संगठन ने यह बीड़ा ठाना है कि हम सभी मिलकर दिन रात एक करके लोगों को जगाकर नशा मुक्त प्रदेश बनाएंगे आज श्री शक्तिपुत्र जी महाराज के निर्देशन में दमोह जिले में सैकड़ो गांव को संगठन द्वारा नशा मुक्त कर दिया गया है एवं 2000 से अधिक स्थानों पर पुलिस को सूचना देकर अबैध शराब जप्त कराई है।

अगली कड़ी में भगवती मानव कल्याण संगठन के संभागीय अध्यक्ष डॉ सुजान सिंह जी ने कहा कि मां भगवती एवं श्री शक्तिपुत्र जी महाराज से जुड़कर हजारों नहीं लाखों परिवार नशा मांसाहार मुक्त होकर खुशहाली का जीवन जी रहे हैं इसी क्रम में समाज के बीच लोगों के अंदर राष्ट्र रक्षा मानवता की सेवा धर्म की रक्षा के प्रति निष्ठा बनी रहे मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में 8 और 9 फरवरी 2025 को शक्ति चेतना जन जागरण शिविर का आयोजन किया जा रहा है जिसमें आप सभी का परिवार आमंत्रित हैं वहां रहने खाने पीने की निःशुल्क व्यवस्था रहेगी।

अंतिम कड़ी में भारतीय शक्ति चेतना पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शोभा सिंह राजपूत जी ने कहा कि आज समाज में ढोंग पाखंड चर्म सीमा पर है इससे हमें बचने की जरूरत है संकल्प में ही शक्ति है हम गंगा नहाने जाएं तो वहीं संकल्प लें कि आज से हम अनीति अन्य धर्म न करेंगे ना सहेंगे अगर गंगा नहाने के बाद तुम्हारा वही काम चलता रहा कि मैं तो गंगा नहा कर आ गया अब क्या करना है गंगा नहाने के बाद भी अगर आप नशमा शहर अनीता धर्म के पद पर चलते हैं तो गंगा नहाने का कोई फायदा नहीं इसीलिए जीवन में एक बार संकल्प ले उस संकल्प की रक्षा भगवान भी करते हैं अंतिम कड़ी में उपस्थित सभी का आभार डॉक्टर नरेंद्र सिंह जी ने किया।

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