नलकूप खनन में दोहरा मापदंड अपना रहा प्रशासन..
भोजनालय की आड़ में खुल रहे अहाते को मिली मंजूरी..
दमोह- गर्मी को देखते हुए कलेक्टर ने नलकूप खनन पर रोक लगाई है। कुछ विशेष परिस्थितियों में एसडीएम को अनुमति देने के लिए अधिकृत है। लेकिन एसडीएम भी जो वास्तविक जरुरतमंद हैं, उन्हें अनुमति न देकर शराब दुकान के बगल खुलने वाले भोजनालय की आड़ में अहाते को पानी उपलब्ध कराने तत्काल अनुमति दे दी गई है।

दमोह एसडीएम द्वारा किल्लाई रोड पर वृंदावन कॉलोनी के सामने अभी हाल में खुली शराब दुकान के पीछे बन रहे भोजनालय को पानी उपलब्ध कराने के लिए नलकूप खनन की अनुमति दी गई है। यहां पर नलकूप खनन होता देख अनेक लोगों ने आपत्ति उठाई है। इस दौरान कई लोगों का आरोप था कि जिन लोगों को अति आवश्यक है, उन्हें एसडीएम दमोह अनुमति नहीं दे रहे हैं। जहां शराब दुकान खुल रही है उसके भोजनालय की आड़ में खुलने वाले अहाते के लिए पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
अहातों ने लिया भोजनालयों का रूप
दमोह शहर में जितनी भी शराब दुकान खुली हैं, उन सभी दुकानों के बगल में भोजनालय खुल गए हैं। यह भोजनालय नहीं अहाते ही हैं, जहां लोग बैठकर शराब पीते हैं। इन भोजनालय रूपी अहातों पर कार्रवाई नहीं की जाती है। इसके एवज में थाना पुलिस व बीट प्रभारियों को हर हफ्ता मोटी रकम पहुंचाई जाती है। वहीं इन अनाधिकृत भोजनालयों के लिए प्रशासन द्वारा हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है। प्रदेश में शराब अहातों को बंद कर दिया गया है, लेकिन भोजनालय की आड़ में चल रहे इन अहातों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

चार पांच अनुमति दी
दमोह एसडीएम राजललन बागरी का कहना है कि उन्होंने चार पांच अनुमति दी है, अब इस शराब दुकान के पीछे की अनुमति दी है या नहीं इसके बारे में नहीं बता सकता हूं। वहीं इस मामले में शराब ठेकेदार संतोष गंगेले का कहना है कि शासकीय शराब दुकान है इसलिए अनुमति मिल गई है।


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