दमोह: सर्व हिंदू समाज ने किया डॉ. अजय लाल का पुतला दहन, देश की छवि धूमिल करने का आरोप..
दमोह – मध्यप्रदेश।
सर्व हिंदू समाज के आह्वान पर मंगलवार को शहर में चर्चित फरार आरोपी डॉ. अजय लाल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला दहन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक लाइव वीडियो को लेकर किया गया, जिसमें डॉ. अजय लाल अमेरिका स्थित एक चर्च कार्यक्रम में भारतीय व्यवस्था और हिंदू संगठनों को लेकर विवादित बयान देते नजर आए।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि डॉ. अजय लाल न केवल धर्मांतरण और मानव तस्करी जैसे गंभीर मामलों में आरोपी हैं, बल्कि वह लंबे समय से फरार चल रहे हैं और उन पर इनाम भी घोषित है। बावजूद इसके, हाल ही में शेफर्ड चर्च नामक फेसबुक प्रोफाइल से लाइव किए गए एक कार्यक्रम में उनकी स्पष्ट मौजूदगी देखी गई, जिससे हिंदू समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
वीडियो में भारत की छवि धूमिल करने का प्रयास
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उक्त लाइव वीडियो में भारत को ईरान, नॉर्थ कोरिया और चीन जैसे देशों की पंक्ति में खड़ा कर धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए “सबसे खतरनाक देश” करार दिया गया है। यही नहीं, वीडियो में पुलिस कार्रवाई और सामाजिक संगठनों द्वारा किए गए वैध विरोध प्रदर्शनों के फर्जी और भ्रामक फुटेज जोड़कर भारत और हिंदू संगठनों को बदनाम करने की कोशिश की गई।

धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग के आरोप
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उक्त कार्यक्रम में भारत में मतांतरण के उद्देश्य से विदेशी फंडिंग से ऑक्सीजन प्लांट बनाने और राशन वितरण जैसे कार्यों को धर्म परिवर्तन के माध्यम के रूप में दर्शाया गया। साथ ही, डॉ. अजय लाल द्वारा मंच से अपने धर्मांतरण अभियानों को गर्वपूर्वक साझा किया गया और भारतीय संस्कृति व पुलिस प्रशासन का मजाक उड़ाया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों से सांठगांठ के गंभीर आरोप
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि डॉ. अजय लाल ने वीडियो में यह दावा किया कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी गहरी मित्रता रही है, जो उन्हें कार्रवाई से पहले जानकारी देते थे। इससे भारतीय पुलिस महकमे की साख को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठेस पहुंची है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि यह जांच का विषय है कि आखिर वह अधिकारी कौन हैं जिन्होंने आरोपी की मदद की।
सांठगांठ की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्यवाही की मांग
सर्व हिंदू समाज और विभिन्न संगठनों ने इस पूरे प्रकरण को देशविरोधी गतिविधि बताते हुए इसे देशद्रोह की श्रेणी में रखे जाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि फरार आरोपी डॉ. अजय लाल को शीघ्र गिरफ्तार कर भारत लाया जाए और भारतीय कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, मिशन अस्पताल से जुड़े पूर्व के फर्जी डॉक्टर प्रकरण और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की जाए।



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