महाकाल मित्र मंडली ने निभाया मानवता का फर्ज, मासूम महक के पिता का किया अंतिम संस्कार..
– दमोह में जटाशंकर मुक्तिधाम पर हुआ अंतिम संस्कार, नम आंखों से बिटिया महक ने दी मुखाग्नि
दमोह।
दमोह की सामाजिक संस्था महाकाल मित्र मंडली ने एक बार फिर मानवता और सेवा की मिसाल पेश की है। संस्था के सक्रिय सदस्य साहिल विरमानी, जेपी मिश्रा, प्रकाश गोस्वामी, आदित्य असाटी, और ऋषि खरे ने मिलकर एक मासूम बिटिया महक के दिवंगत पिता का अंतिम संस्कार कर समाज के सामने संवेदनशीलता और सहयोग की मिसाल रखी।
दरअसल, बुरहानपुर (नेपानगर) निवासी विकास चिंधा हाटकर लोकमान्य तिलक कुर्ला एक्सप्रेस से कटनी जा रहे थे, तभी अचानक यात्रा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी, लेकिन बाद में जानकारी मिलने पर यह स्पष्ट हुआ कि मृतक विकास हाटकर हैं।
सबसे हृदय विदारक दृश्य तब सामने आया जब मृतक की 12 वर्षीय पुत्री महक अपने पिता का शव लेने दमोह पहुंची, परंतु उसके पास शव को अपने गृहनगर ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसी विकट परिस्थिति में महाकाल मित्र मंडली ने न सिर्फ शव की पहचान सुनिश्चित की, बल्कि संपूर्ण अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाई।
जेपी मिश्रा ने बताया कि संस्था गैर-राजनीतिक और सेवा भाव से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “मासूम बिटिया महक जैसे बच्चों की मदद करना हमारा मानवीय कर्तव्य है। पिता का साया सिर से उठ जाने का दर्द शब्दों में नहीं बयां किया जा सकता।”
जटाशंकर मुक्तिधाम में जब पिता को अंतिम विदाई दी जा रही थी, तब मासूम महक ने नम आंखों से अपने पिता को मुखाग्नि दी, यह दृश्य उपस्थित हर व्यक्ति की आंखें नम कर गया।
महाकाल मित्र मंडली के सदस्यों ने महक को भरोसा दिलाया कि जब भी उसे या उसके परिवार को किसी भी प्रकार की मदद की जरूरत होगी, संस्था के सदस्य हमेशा उसके साथ खड़े रहेंगे।


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