दमोह, 15 सितंबर — आगामी 22 सितंबर से आरंभ हो रहे नवरात्रि पर्व को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के प्रतिनिधियों ने सोमवार को जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में गरबा महोत्सव और देवी पंडालों में धार्मिक मर्यादा, सुरक्षा और सनातन संस्कृति की गरिमा बनाए रखने की कई मांगें प्रशासन के समक्ष रखी गईं।ज्ञापन में मांग की गई कि गरबा आयोजनों के लिए समय सीमा निर्धारित की जाए और आयोजनों में केवल हिंदू श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति दी जाए।
संगठन ने गैर-हिंदू एवं संदिग्ध तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग करते हुए कहा कि गरबा पंडालों की पवित्रता और धार्मिक माहौल को बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।

संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी विद्यालय में गरबा आयोजित होता है तो उसमें भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा की पूर्ण जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की होगी।
अश्लीलता और फिल्मी गानों पर प्रतिबंध की मांग
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि गरबा आयोजनों में अश्लील और फिल्मी गीतों का पूरी तरह प्रतिबंध हो और केवल पारंपरिक, भक्ति गीतों पर ही गरबा किया जाए। साथ ही, आयोजनों और पंडालों का स्वरूप भारतीय संस्कृति एवं परंपरा को दर्शाने वाला हो। संगठन ने कहा कि पश्चिमी संस्कृति या किसी भी प्रकार के अंधानुकरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आंदोलन की चेतावनी
विहिप और बजरंग दल ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया या सनातन संस्कृति से छेड़छाड़ की गई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और आयोजन समितियों की होगी।महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की मांगज्ञापन में धार्मिक स्थलों और मंदिरों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग की गई, ताकि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

संगठन ने यह भी आग्रह किया कि गरबा आयोजन स्थलों पर किसी भी तरह के दुर्व्यवहार की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई की जाए।ज्ञापन सौंपने पहुंचे कई संगठन पदाधिकारीज्ञापन सौंपने के दौरान विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और मातृशक्ति दुर्गावाहिनी के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष अजय खत्री, जिला मंत्री शंभू विश्वकर्मा, विभाग मंत्री नरेंद्र जैन, जिला संयोजक गोलू चौबे, बबलू राय और मातृशक्ति से जुड़ी महिलाएं भी उपस्थित रहीं।नवरात्रि पर्व के दौरान गरबा आयोजन को मर्यादित, सुरक्षित और सांस्कृतिक रूप से गरिमामय बनाने की इस पहल को स्थानीय हिंदू संगठनों ने एकजुट होकर समर्थन दिया है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाता है।



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