जेल में भी धर्मपालन का अधिकार: विधिक जागरूकता शिविर में मिली जानकार…
दमोह। दमोह में, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिला जेल में बंदियों के अधिकारों पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
तृतीय जिला न्यायाधीश विश्वनाथ शर्मा ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि जेल में बंद व्यक्ति को भी अपने धर्म का पालन करने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने बताया कि बंदी अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ कर सकते हैं और धार्मिक पुस्तकें पढ़ सकते हैं।इस शिविर में बंदियों को उनके अन्य अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई, जैसे कि मुलाकात का अधिकार, पढ़ने-लिखने की सुविधा, मनोरंजन और चिकित्सा सुविधा।
न्यायाधीश शर्मा ने उन्हें ‘प्ली-बारगेनिंग’ प्रक्रिया से भी अवगत कराया, जिसके माध्यम से मामलों का निपटारा जल्दी किया जा सकता है।
जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने बंदियों को बताया कि उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता के तहत मुफ्त वकील उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके लिए, उन्हें जेल के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन करना होगा।
शिविर के दौरान, बंदियों के सवालों के जवाब भी दिए गए और कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक छोटेलाल प्रजापति ने सभी का आभार व्यक्त किया।


More Stories
पौधारोपण, वृद्धाश्रम सेवा और रक्तदान के साथ मनाया वेदिका दुबे का जन्मदिन, दिया सामाजिक सरोकार का संदेश..
जनजागरूकता अभियानों में सहयोग करने वाले सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स का दमोह पुलिस ने किया सम्मान..
54वीं बार रक्तदान कर दीपक जैन ने दिया मानवता का संदेश, हर तीन माह में रक्तदान का निभा रहे संकल्प..