बच्चों की मृत्यु रोकने की कवायद: कलेक्टर ने बुलाई बैठक, अनुपस्थित डॉक्टरों पर गिरी गाज..

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शिशुओं की मृत्यु की पुनरावृत्ति रोकने हेतु बैठक से अनुपस्थित विशेषज्ञ डॉक्टरों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी..

दमोह:छिंदवाड़ा जिले में कफ सिरप के कारण शिशुओं की मृत्यु की गंभीर घटना के बाद, दमोह जिला प्रशासन ने अपने जिले में ऐसी पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

इसी क्रम में, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य व्यापक जनहित में निवारक रणनीति बनाना था।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर ने जताया रोष..

यह बैठक जिले में बच्चों के स्वास्थ्य की संवेदनशीलता को देखते हुए बुलाई गई थी, लेकिन सूचना दिए जाने के बावजूद कई शिशु रोग विशेषज्ञ इसमें अनुपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने इस अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) दमोह ने अनुपस्थित चिकित्सकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करते हुए कहा कि, “आपकी अनुपस्थिति से जिला प्रशासन इस महत्वपूर्ण और संवेदनशील कार्य में व्यापक जनहित को देखते हुए आपके अनुभव का लाभ लेने से वंचित रहा, जो कि समाज के प्रति आपकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

“इन सात शिशु रोग विशेषज्ञों को जारी हुआ नोटिस..

CMHO दमोह ने सभी अनुपस्थित शिशु रोग विशेषज्ञों को निर्देश दिए हैं कि वे दो दिवस के भीतर अपना जवाब सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक की टीप (टिप्पणी) सहित कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

जिन शिशु रोग विशेषज्ञों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, उनके नाम निम्नलिखित हैं:

डॉ. जलज बजाज (शिशु रोग विशेषज्ञ, दमोह)डॉ. सुनील जैन (शिशु रोग विशेषज्ञ, दमोह)डॉ. सोनू शर्मा (शिशु रोग विशेषज्ञ, दमोह)डॉ. संजय त्रिवेदी (हटा)डॉ. मुरली मनोहर श्रीवास्तव/डॉ. अनिकेत श्रीवास्तव (दमोह)डॉ. राजीव पाण्डे (पाण्डे नर्सिंग होम, स्टेडियम के सामने, दमोह)डॉ. तरूण दुआ (दुआ क्लीनिक, दमोह)

जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े ऐसे संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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