​शराब माफिया का मीम बनाने पर युवक से धुलवाए पैर, चरणामृत पीने को किया मजबूर..

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​शराब माफिया का मीम बनाने पर युवक से धुलवाए पैर, चरणामृत पीने को किया मजबूर; दमोह का ‘चरणामृत’ विवाद राष्ट्रीय स्तर पर गूंजा..


​दमोह। दमोह जिले में एक सामाजिक शांति भंग करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने अब राजनीतिक और राष्ट्रीय रूप ले लिया है। एक वायरल वीडियो में एक युवक को कथित शराब माफिया के पैर धोने और फिर उसी पानी (चरणामृत) को पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह घटना जिले के सतरिया गांव की है, जहाँ गाँव की पूर्ण शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब बेचने के एक मामले को लेकर विवाद शुरू हुआ।


​क्या है पूरा मामला?


​सतरिया गांव में ग्रामीणों की सहमति से पूर्ण शराबबंदी लागू है। हाल ही में, अनुज पांडे नामक युवक अवैध शराब बेचते पकड़ा गया था। सामाजिक निर्णय के तहत उस पर ₹2100 का जुर्माना लगाया गया और ग्रामीणों से क्षमा मांगने को कहा गया।
​मामले में मोड़ तब आया जब अनुज पांडे के क्षमा मांगने के वीडियो का एक AI मीम गाँव के ही परसोत्तम कुशवाहा ने बनाकर वायरल कर दिया। इस मीम में अनुज पांडे को कथित तौर पर जूते की माला पहने दिखाया गया था। हालांकि परसोत्तम ने कुछ ही मिनटों में वीडियो डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक यह वायरल हो चुका था।


​पंचायत का क्रूर फैसला..


​वीडियो वायरल होने के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने परसोत्तम कुशवाहा को दोषी ठहराते हुए बेहद क्रूर फैसला सुनाया। परसोत्तम कुशवाहा को शराब बेचने वाले अनुज पांडे के पैर धोने पड़े और फिर उसी पानी को ‘चरणामृत’ के रूप में पीने के लिए मजबूर किया गया। इस पूरी घटना का वीडियो वायरल होने के बाद दमोह से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक हड़कंप मच गया।


​समूह बल का प्रदर्शन और राजनीतिक गरमाहट..


​इस घटना के बाद दमोह शहर में कुशवाहा समाज के साथ ओबीसी और बहुजन समाज ने रैली निकाली और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए तीखी नारेबाजी की। यह मामला अब स्पष्ट रूप से दो सामाजिक धड़ों के बीच केंद्रित होता दिखाई दे रहा है। राजनीतिक हलकों में भी तूफान आ गया है, जहाँ विपक्ष सत्ता पक्ष पर दलित और ओबीसी वर्ग के अपमान का आरोप लगा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष निष्पक्ष कार्यवाही की बात कर रहा है।
​वायरल वीडियो के बाद पीड़ित परसोत्तम कुशवाहा के दो वीडियो सामने आए हैं – पहले में वह कोई कार्रवाई न करने की बात कह रहा है, जबकि दूसरे में वह न्याय की मांग कर रहा है। मामले में सतरिया गांव के उपसरपंच का नाम भी उछल रहा है, जिनके कहने पर कथित तौर पर यह दंड दिया गया और परसोत्तम से ₹5100 का जुर्माना भी वसूला गया।


​प्रशासनिक मुस्तैदी और एफआईआर..


​वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने त्वरित कार्रवाई की अपील करते हुए शांति बनाए रखने की बात कही।
​देर रात पटेरा पुलिस ने वायरल वीडियो के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 196 (1बी), 3/5 के तहत अनुज उर्फ अंजू पांडे, कमलेश पांडे, बृजेश पांडे, राहुल पांडे समेत अन्य दो-तीन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।


​कलेक्टर-एसपी की प्रेस वार्ता..


​मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यू पुलिस कंट्रोल रूम में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और एसपी श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने पत्रकार वार्ता आयोजित की।


​कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा कि जिला प्रशासन अवैध शराब, सोशल मीडिया का दुरुपयोग और व्यक्तिगत लड़ाई का सामाजिक रूप में परिवर्तित होना – इन तीनों चीजों पर निगरानी रखे हुए है। उन्होंने कहा कि सद्भावना और सामाजिक ताना-बाना खराब करने वाली पोस्ट डालने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


​पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने बताया कि समाज के दो समुदायों के बीच वैमनस्यता पैदा करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी और एक सहयोगी को फरियादी के बयान के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि दोनों पक्षों से बात की गई है और वे आगे बात न बढ़ाने पर सहमत हैं।


​एसपी ने जानकारी दी कि कल अन्य लोगों पर भी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने के लिए पुलिस टीम और राजस्व अमला गांव भेजा जाएगा ताकि सामाजिक शांति बनी रहे।

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