दमोह में हड़कंप! अरंडी के बीज खाने से 45 बच्चे बीमार, जिला अस्पताल में भर्ती; मंत्री और कलेक्टर ने दिए त्वरित इलाज के निर्देश
दमोह। दमोह जिले के किशनगंज ग्राम में मंगलवार, 2 दिसंबर को उस समय हड़कंप मच गया, जब बड़ी संख्या में बच्चों ने गलती से अरंडी (Castor) के बीज का सेवन कर लिया। अरंडी के बीज खाने से अचानक बच्चों की हालत बिगड़ गई। प्रारंभिक तौर पर दो दर्जन बच्चों को जिला चिकित्सालय लाया गया था, लेकिन शाम तक बीमार बच्चों की संख्या बढ़कर 45 हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस सक्रिय हो गई। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने तुरंत स्थिति को संभाला और आवश्यक कदम उठाए।
प्रशासन सक्रिय: 45 बच्चों का इलाज जारी
अरंडी के बीज खाने के बाद बच्चों में बेहाशी, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण सामने आए। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराए जाने से वहाँ अफरातफरी का माहौल बन गया।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने सूचना मिलते ही एसडीएम आर.एल. बागरी को तुरंत जिला चिकित्सालय भेजा। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल से भी बात की और बच्चों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
एसडीएम आर.एल. बागरी, सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल और जिला शिक्षा अधिकारी तुरंत जिला अस्पताल पहुँचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पथरिया एसडीएम निकेत चौरसिया ने बच्चों की संख्या 45 होने की पुष्टि की और बताया कि सभी का इलाज जिला अस्पताल में बच्चों के डॉक्टरों की मौजूदगी में जारी है।
राहत की खबर यह है कि फिलहाल कोई भी बच्चा गंभीर स्थिति में नहीं है।
जिला चिकित्सालय में इस समय चिकित्सकों की पूरी टीम और स्वास्थ्य विभाग का अमला बच्चों के इलाज में जुटा हुआ है।
मंत्री ने दिए सख्ती से इलाज के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय नेता और मंत्री लखन पटेल तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने पथरिया विधानसभा क्षेत्र के इस ग्राम की घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
”सभी बच्चों को जिला अस्पताल लाया गया है। मैं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के संपर्क में हूँ और सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।” — मंत्री लखन पटेल
पुलिस ने गाँव में मुनादी कर अन्य बीमार बच्चों को अस्पताल पहुँचाया
बच्चों की संख्या लगातार बढ़ने की आशंका को देखते हुए, कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर के निर्देश पर नरसिंहगढ़ पुलिस ने मामले में सक्रियता दिखाई।
112 डायल पुलिस टीम के प्रधान आरक्षक राधेश्याम, आरक्षक जितेंद्र, अनिरुद्ध दांगी और एनआरएस राजा खान ने पूरे गाँव में मुनादी (अनाउंसमेंट) करके शेष बीमार बच्चों को ढूँढा। मुनादी इसलिए की गई ताकि अगर किसी और बच्चे ने अरंडी के बीज खाए हों या वह बीमार हो, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाया जा सके। इस सक्रियता के चलते कई अन्य बच्चों को भी समय पर जिला अस्पताल पहुँचाया जा सका।
विदित हो कि बच्चों द्वारा अनजाने में अरंडी के बीज का सेवन कर लेने की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रहती हैं, लेकिन किशनगंज में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने से पूरे जिले में चिंता का माहौल है।



More Stories
कक्षा 10वीं के छात्र पर चाकू से हमला, इलाज के दौरान ICU में मौत..
11 मार्च को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हटा आगमन प्रस्तावित, प्रशासन ने शुरू की तैयारियां..
दमोह में सनसनीखेज वारदात: रॉड और हथौड़े से 16 वर्षीय किशोर की नृशंस हत्या, आरोपी गिरफ्तार..