दमोह से पहली बार मरीज एयरलिफ्ट — 20 वर्षीय गर्भवती सपना लोधी को पीएम-श्री एयर एम्बुलेंस से भेजा गया भोपाल एम्स
हालत गंभीर होने पर प्रशासन ने दिखाया त्वरित संवेग, हेलीपैड तक बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर
दमोह जिले के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। पहली बार किसी गंभीर मरीज को जिले से एयरलिफ्ट कर भोपाल एम्स भेजा गया। यह सुविधा मिली हटा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम लुहर्रा की 20 वर्षीय सपना लोधी को, जिसकी गर्भावस्था के दौरान 6 माह के शिशु की गर्भ में ही मौत हो गई थी। समय पर चिकित्सा न मिलने से उसके शरीर में संक्रमण तेजी से फैल रहा था और स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी।
कैसे बिगड़ी सपना की हालत
सपना लोधी को कुछ दिन पहले तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल दमोह लाया गया। जांच में पता चला कि गर्भ में पल रहा शिशु मृत हो चुका है, जिससे गर्भवती के शरीर में गंभीर संक्रमण होने लगा। चिकित्सकों ने स्थिति को गंभीर बताते हुए उसे तुरंत उच्च स्तरीय अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
हालत गंभीर होने पर प्रशासन ने दिखाया त्वरित संवेग, हेलीपैड तक बनाया गया ग्रीन कॉरिडोर

परिजन पहले उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज ले जाने निकले, लेकिन रास्ते में एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। वहां इलाज ठीक से न मिलने पर उसकी हालत और बिगड़ती चली गई।
इस बीच परिजन आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद तनाव में थे—ऐसे में वे सपना को लेकर दोबारा दमोह जिला अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने मरीज को आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर जीवन बचाने की कोशिश शुरू की।

डॉक्टरों ने दिखाई सूझबूझ, कलेक्टर ने लिया मानवीय निर्णय
जिला अस्पताल के डॉक्टर और पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा के दमोह जिले के प्रभारी डॉ. विक्रम चौहान ने जब सपना की गंभीर स्थिति देखी, तो तुरंत कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को जानकारी दी।
सबसे बड़ी समस्या यह थी कि मरीज के पास एयर एम्बुलेंस के लिए आवश्यक दस्तावेज नहीं थे। परंतु कलेक्टर कोचर ने मानवीय दृष्टि अपनाते हुए अपने विशेषाधिकार का उपयोग किया और तत्काल अनुमति प्रदान कर दी।
इधर, प्रभारी सीएमएचओ डॉ. रीता चटर्जी ने मरीज का आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करवाई ताकि भोपाल पहुंचते ही इलाज में कोई आर्थिक बाधा न आए।
दमोह में पहली बार एयर एम्बुलेंस — भव्य ग्रीन कॉरिडोर बना
शुक्रवार सुबह लगभग 9:30 बजे जबलपुर से विशेष एयरलिफ्ट मेडिकल टीम दमोह पहुंची। जिला अस्पताल से होमगार्ड ग्राउंड स्थित हेलीपैड तक करीब 2 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर पुलिस प्रशासन ने तैयार किया।
पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी, एएसपी सुजीत सिंह भदौरिया, नगर पुलिस अधीक्षक एच.आर. पांडे एवं थाना प्रभारीगण स्वयं मोर्चा संभाले रहे। पुलिस बल पूरे मार्ग पर सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण में तैनात रहा।
सपना को ICU से स्ट्रेचर पर बाहर लाया गया, डॉक्टरों की निगरानी में एम्बुलेंस से हेलीपैड पहुंचाया गया और वहीं से एयर एम्बुलेंस द्वारा भोपाल एम्स के लिए रवाना किया गया।

परिजनों में कृतज्ञता—“सोचा नहीं था कि हमें ऐसा लाभ मिलेगा”
एयर एम्बुलेंस सुविधा मिलने पर सपना के परिजन भावुक हो उठे।
उन्होंने कहा—
“हमने कभी सोचा भी नहीं था कि हमारी बेटी को एयर एम्बुलेंस मिलेगी। कलेक्टर और डॉक्टरों ने हमारी उम्मीदों को फिर से जगा दिया।”
अधिकारियों ने क्या कहा
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर
“गरीब, असहाय और गंभीर मरीजों के लिए यह योजना जीवन रक्षक है। सपना लोधी दमोह जिले की पहली महिला हैं जिन्हें पीएम श्री एयर एम्बुलेंस का लाभ मिला है। हर पात्र व्यक्ति तक यह सुविधा पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा। जिला अस्पताल के सभी डॉक्टर और स्टाफ को मैं बधाई देता हूं।”

डॉ. विक्रम चौहान, नोडल अधिकारी, एयर एम्बुलेंस सेवा
“मरीज की हालत अत्यंत गंभीर थी। गर्भ में शिशु की मृत्यु से संक्रमण तेज फैल रहा था। समय पर कलेक्टर की अनुमति और टीम के प्रयासों से सपना को एयरलिफ्ट कर भोपाल एम्स भेजना संभव हुआ।”

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण दिन
दमोह में पहली बार एयर एम्बुलेंस सेवा का उपयोग होना जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार के समन्वय का परिणाम है। इससे ग्रामीण वंचित मरीजों के लिए नई उम्मीद जगी है कि आपात स्थिति में उन्हें भी समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा मिल सकेगी।
सपना लोधी को समय से उपचार मिलने से उसके स्वस्थ होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। परिजन और प्रशासन दोनों ही उसके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।



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