नववर्ष पर दमोह में विचार, प्रेरणा और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम..प्रथम दमयंती व्याख्यान माला में मिला तनावमुक्त और सकारात्मक जीवन का संदेश..

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प्रथम दमयंती व्याख्यान माला संपन्न, जीवन को तनावमुक्त व सकारात्मक बनाने का मिला संदेश..

दमो।नववर्ष 2026 के शुभारंभ अवसर पर दमोह में प्रथम दमयंती व्याख्यान माला का आयोजन स्थानीय निजी होटल में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पूर्व वित्त मंत्री एवं दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया, मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया तथा मोटिवेशनल स्पीकर व साइकोलॉजिस्ट मनीषा आनंद की विशेष उपस्थिति रही।इस अवसर पर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मंजू धर्मेन्द्र कटारे, संगीता श्रीधर एवं अपर कलेक्टर मीना मसराम मंचासीन रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में सभी ने जिलेवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।

व्याख्यान माला को संबोधित करते हुए मोटिवेशनल स्पीकर मनीषा आनंद ने जीवन को खुशहाल और तनावमुक्त बनाने के प्रभावी उपाय बताए। उन्होंने कहा कि जीवन में सकारात्मक सोच सबसे बड़ी शक्ति है। शिकायतें कम करें और लोगों में अच्छाइयां खोजने की आदत डालें। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा ईटेबिल कप के प्रयोग की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल बताया।मनीषा आनंद ने कहा कि बच्चों को मंच देकर उनकी प्रतिभा को निखारना बेहद जरूरी है। दमोह में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे नवाचार और विकास कार्य प्रशंसनीय हैं।

विधायक जयंत कुमार मलैया ने कहा कि जीवन को तनावमुक्त कैसे बनाया जाए, इस विषय पर वक्ता मनीषा आनंद की बातें निश्चित ही सभी के लिए लाभदायक सिद्ध होंगी। उन्होंने कलेक्टर बंगले के 100 वर्ष पूर्ण होने पर एक डाक टिकट का विमोचन भी किया और इस अभिनव पहल के लिए जिला प्रशासन को बधाई दी।

मध्यप्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा कि हमारे भीतर ऊर्जा की कोई कमी नहीं है, कमी है तो सत्संग की। ऐसे आयोजन मानसिक कुंठा को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने ईटेबिल कप के प्रयोग को पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश बताया।

कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जानकारी दी कि दमयंती व्याख्यान माला श्रृंखला की शुरुआत की गई है, जो प्रत्येक माह आयोजित होगी। इसमें देश-प्रदेश की जानी-मानी हस्तियों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रयास प्लास्टिक मुक्त जिला बनाने और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष मंजू कटारे ने नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए जिले में सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। वहीं संगीता श्रीधर ने कहा कि मनीषा आनंद की बातों को यदि जीवन में अपनाया जाए तो निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर अपर कलेक्टर मीना मसराम ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। व्याख्यान माला के अंत में कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों को उपहार भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

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