नगर की पहचान बनी प्रतिमाएं बदहाल, जिला प्रशासन पर उठे सवाल..

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नगर पालिका की अनदेखी पर भड़का जनआक्रोश, महापुरुषों की प्रतिमाएं बदहाली का शिकार..
दमोह।
जिले में स्वच्छता अभियान और सौंदर्यीकरण के बड़े-बड़े दावों के बीच नगर में स्थापित देश के महान योद्धाओं एवं महापुरुषों की प्रतिमाओं की उपेक्षा को लेकर आम नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। जिला प्रशासन एवं नगर पालिका की लापरवाही के चलते कई प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित प्रतिमाएं न तो सुरक्षित हैं और न ही उनके आसपास साफ-सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था की उचित व्यवस्था की गई है।
जिला राजपूत क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बताया कि समय-समय पर जिला प्रशासन और नगर पालिका के अधिकारियों का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकर्षित कराया जाता रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

इसका प्रत्यक्ष उदाहरण जबलपुर से दमोह की ओर आने वाले मार्ग पर स्थित महाराणा प्रताप चौक है, जहां कलेक्टर कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापित है। बावजूद इसके, प्रतिमा की नियमित सफाई, रंग-रोगन एवं लाइटिंग की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे बाहर से आने वाले अतिथियों और स्थानीय नागरिकों के बीच प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


महासभा के सदस्यों का कहना है कि देश-प्रदेश में स्वच्छता अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है, लेकिन दमोह नगर में यह अभियान केवल कागजों तक सीमित नजर आता है।

नगर में महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, वीरांगना अवंतीबाई लोधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे महान व्यक्तित्वों की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जिनका ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन महापुरुषों ने देश और समाज के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया, लेकिन आज उनकी स्मृतियों के प्रतीक उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।


स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दमोह आने वाले राजनेता, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य विशिष्ट अतिथि सर्वप्रथम इन प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करते हैं, लेकिन बदहाल स्थिति देखकर वे भी सवाल उठाते हैं कि क्या यहां जिला प्रशासन या नगर पालिका नाम की कोई व्यवस्था है या नहीं। यह स्थिति न केवल शहर की छवि को धूमिल कर रही है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए भी गलत संदेश दे रही है।


जिला राजपूत क्षत्रिय महासभा ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र ही महापुरुषों की प्रतिमाओं की नियमित साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो सभी समाजों के सहयोग से एक वृहद आंदोलन किया जाएगा।

महासभा ने जिला प्रशासन एवं नगर पालिका अधिकारियों से अपेक्षा की है कि वे संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि नगर की गरिमा बनी रहे और महापुरुषों के सम्मान की रक्षा हो सके।

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