सतरिया चरणामृत कांड: सुप्रीम कोर्ट से एनएसए पर रोक, अनुज पांडेय की तत्काल रिहाई..
नई दिल्ली/मध्यप्रदेश।
सतरिया चरणामृत कांड से जुड़ा मामला अब देश के सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण में बड़ी राहत देते हुए ब्राह्मण समाज के युवक अनुज पांडेय पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) की कार्रवाई पर रोक लगा दी है तथा उनकी तत्काल रिहाई के आदेश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि विगत दिनों मध्यप्रदेश के सतरिया गांव से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कथित रूप से एक जाति विशेष के व्यक्ति को चरणामृत पिलाने का आरोप लगाया गया था। इस वीडियो को आधार बनाकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए वीडियो में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध एनएसए की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत अनुज पांडेय एवं अन्य ब्राह्मण युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
इस कार्रवाई के विरुद्ध अनुज पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पंडित मुकेश पांडेय एवं मनीष नगाइच ने पक्ष रखते हुए दलील दी कि वायरल वीडियो में केवल ब्राह्मण समाज के युवकों को चिन्हित किया गया, जबकि वीडियो में अन्य समाज के लोग भी स्पष्ट रूप से मौजूद हैं। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि यह मामला किसी भी स्थिति में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के दायरे में नहीं आता।
मामले की सुनवाई करते हुए 6 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया और एनएसए के तहत की गई कार्रवाई पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए अनुज पांडेय की रिहाई का आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में आज अधिवक्ता द्वय मुकेश पांडेय एवं मनीष नगाइच ने अतिरिक्त कलेक्टर से मुलाकात कर आदेश की प्रति सौंपते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित कराई। इसके पश्चात अनुज पांडेय को जेल से रिहा कर दिया गया।
इस निर्णय के बाद सतरिया चरणामृत कांड को लेकर कानूनी और सामाजिक हलकों में व्यापक चर्चा जारी है।


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