अवैध कब्जों पर कलेक्टर का एक्शन, ईडब्ल्यूएस परिसर में सर्वे और जांच शुरू..

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ईडब्ल्यूएस आवासीय परिसर में अवैध निवास पर कलेक्टर सख्त, 20 फरवरी तक कार्रवाई के निर्देश
दमोह।
नगर पालिका परिषद दमोह द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (एएचपी घटक) अंतर्गत समन्ना बायपास रोड पर निर्मित बहुमंजिला ईडब्ल्यूएस आवासीय परिसर में अवैध रूप से निवासरत व्यक्तियों के विरुद्ध अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि अवैध निवासियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई 20 फरवरी 2026 तक की जाए तथा पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।


उल्लेखनीय है कि उक्त आवासीय परिसर में लगभग 1350 भवनों का निर्माण कर पात्र हितग्राहियों को आवंटन एवं आधिपत्य प्रदान किया जा चुका है। बीते कुछ समय से इस परिसर में असामाजिक एवं आपराधिक गतिविधियों की शिकायतें समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार सामने आ रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।


सर्वे दल का गठन..


कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी दमोह द्वारा प्रस्तावित नामों के आधार पर एक सर्वेक्षण दल गठित किया गया है, जो मौके पर जाकर प्रत्येक भवन में निवासरत हितग्राही एवं उनके परिवार का भौतिक सत्यापन करेगा। सर्वे दल में उपयंत्री विक्रम सिंह ठाकुर, नगर पालिका राजस्व अधिकारी अरविंद सिंह राजपूत, उपयंत्री शोभित अग्रवाल, स्थायी कर्मी उमेश उपाध्याय एवं विजय श्रीवास्तव, मस्टर कर्मी हरीहर चक्रवती तथा आउटसोर्स कर्मचारी भरत पटैल एवं नरेंद्र जाटव को शामिल किया गया है।


कलेक्टर कोचर ने सर्वे दल को निर्देश दिए हैं कि 16 जनवरी 2026 से सभी ईडब्ल्यूएस भवनों में जाकर हितग्राहियों से संपर्क कर उनके आवंटन आदेश प्राप्त करें तथा नगर पालिका की सूची से मिलान कर निर्धारित प्रारूप में जानकारी संकलित करें। यह सर्वेक्षण रिपोर्ट 31 जनवरी 2026 तक प्रस्तुत की जाएगी।


जांच समिति भी गठित..


सर्वेक्षण दल द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर वस्तुस्थिति की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए एक जांच समिति का भी गठन किया गया है। इस समिति में तहसीलदार दमयंती नगर दमोह रघुनंदन चतुर्वेदी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजेन्द्र सिंह लोधी, सहायक यंत्री सुरेन्द्र अहिरवार एवं उपयंत्री विक्रम सिंह ठाकुर को शामिल किया गया है।


कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि जांच समिति सर्वेक्षण रिपोर्ट का परीक्षण कर नगर पालिका द्वारा आवंटित वास्तविक हितग्राहियों की सूची से मिलान करेगी। इसके बाद आवासीय परिसर में अवैध रूप से निवासरत व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। समस्त कार्रवाई पूर्ण कर 20 फरवरी 2026 तक पालन प्रतिवेदन कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।


प्रशासन के इस कदम से ईडब्ल्यूएस आवासीय परिसर में व्यवस्था सुधारने और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

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