दमोह में शहीद स्मारक स्थानांतरण पर बवाल, कलेक्टर के फैसले का युवाओं ने किया कड़ा विरोध..

Spread the love


दमोह कलेक्टर के फैसले पर विवाद, शहीद स्मारक स्थानांतरण का युवाओं ने किया कड़ा विरोध
दमोह।
नगर पालिका टाउन हॉल परिसर स्थित स्वतंत्रता शहीद स्मारक को उसके मूल स्थान से हटाकर बेलाताल में स्थापित किए जाने के प्रस्ताव को लेकर जिले में विवाद गहरा गया है। विभिन्न युवा संगठनों और समाजसेवी संस्थाओं ने इस निर्णय को “तुगलकी फरमान” बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि किसी भी ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा और ऐतिहासिकता उसके मूल स्थान से जुड़ी होती है, और उसे स्थानांतरित करना शहीदों के सम्मान के साथ खिलवाड़ है।
युवाओं का आरोप है कि कुछ कथित समाजसेवियों और संस्थाओं ने ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के नाम पर कलेक्टर को भ्रमित कर शहीद स्मारक को स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। जबकि टाउन हॉल स्थित यह स्मारक दमोह में स्वतंत्रता उत्सव मनाने का पहला ऐतिहासिक स्थल रहा है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सुधीर कोचर ने कहा कि टाउन हॉल दमोह शहर की एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है, जिसका संरक्षण और सकारात्मक उपयोग आवश्यक है। उन्होंने बताया कि 25 या 26 जनवरी को टाउन हॉल परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में शहीद स्मारक की गरिमा प्रभावित हो रही है, इसलिए सभी से चर्चा कर सहमति के बाद स्मारक को प्रसाधन स्थल के समीप से हटाकर बेलाताल में सुरक्षित रूप से स्थापित किया जाएगा।
हालांकि, युवाओं का सवाल है कि जब स्मारक ही स्थानांतरित कर दिया जाएगा तो टाउन हॉल में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का ऐतिहासिक महत्व कैसे बना रहेगा।
युवा संगठनों की प्रतिक्रिया
भारत रक्षा मंच के अभिषेक सोनी ने कहा कि शहीद स्मारक पर कलेक्टर का यह निर्णय सीधे तौर पर शहीदों का अपमान है। यहां विभिन्न राष्ट्रीय अवसरों पर युवा कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं।
जागरूक युवा संघ के नीलेश चौरसिया ने कहा कि पहले भी स्मारक को स्थानांतरित करने के प्रयास किए गए थे, लेकिन वे सफल नहीं हुए। इस बार भी इस योजना को सफल नहीं होने दिया जाएगा और कड़ा विरोध किया जाएगा।
वहीं, जागरूक युवा संघ के ठाकुर अखिलेश सिंह घोषी ने स्पष्ट कहा कि दमोह कलेक्टर के इस निर्णय का सभी युवा साथी विरोध करते हैं और कलेक्टर महोदय को अपना फैसला वापस लेना होगा।
फिलहाल, शहीद स्मारक के स्थानांतरण को लेकर जिले में माहौल गरमाया हुआ है और आने वाले दिनों में विरोध और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

About The Author

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com