कलेक्टर कोचर का शासकीय माध्यमिक शाला परासई में औचक निरीक्षण, एमडीएम में लापरवाही उजागर..
दमोह।
कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने 08 जनवरी को प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला परासई का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने मध्यान्ह भोजन के संचालन में हरसिद्धी स्व-सहायता समूह द्वारा लापरवाही की शिकायत की।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर कोचर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री प्रवीण फुलपगारे ने बताया कि कलेक्टर के निर्देशानुसार हरसिद्धी स्व-सहायता समूह परासई को एमडीएम (मध्यान्ह भोजन) व्यवस्था से पृथक कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला परासई में शाला प्रबंधन समिति को मध्यान्ह भोजन संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही नवीन अनुमोदित एजेंसी से संबंधित समस्त आवश्यक दस्तावेज जिला पंचायत दमोह को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पोर्टल पर मैपिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि निर्देशानुसार शेष राशि, खाद्यान्न, बर्तन, गैस कनेक्शन आदि नवीन एजेंसी को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा मध्यान्ह भोजन बंद रहने की अवधि का खाद्य सुरक्षा भत्ता संबंधित स्व-सहायता समूह से बच्चों को दिलाया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि रसोईया मानदेय की राशि की वसूली कर संबंधित अभिलेख संधारित किए जाएंगे तथा नियमानुसार नवीन स्व-सहायता समूह का प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई से विद्यालय में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाया गया
आकस्मिक अवकाश व अवकाश दिवसों में मुख्यालय छोड़ने के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश…
दमोह।
कलेक्टर श्री सुधीर कुमार कोचर ने आकस्मिक अवकाश स्वीकृति तथा शासकीय अवकाश दिवसों में मुख्यालय छोड़ने की अनुमति संबंधी प्रक्रिया को लेकर जिले के समस्त कार्यालय प्रमुखों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कि यह देखा जा रहा है कि कई कार्यालय प्रमुख आकस्मिक अवकाश, शासकीय अवकाश दिवसों में मुख्यालय छोड़ने अथवा शासकीय कार्य दिवसों में मुख्यालय से बाहर रहने की सूचना केवल व्हाट्सएप या टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से भेज देते हैं, जो नियमों के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने निर्देश दिए कि आकस्मिक अवकाश पर जाने की स्थिति में कार्यालय प्रमुखों को लिखित आवेदन पत्र विभागीय नस्ती पर प्रस्तुत करना होगा, जिसमें पूर्व में लिए गए अवकाश, वर्तमान में शेष अवकाश तथा अवकाश अवधि में कार्य संपादन करने वाले अधिकारी की जानकारी अनिवार्य रूप से शामिल हो। स्वीकृति प्राप्त करने के पश्चात ही मुख्यालय से बाहर प्रस्थान किया जा सकेगा।
इसी प्रकार शासकीय अवकाश दिवसों में मुख्यालय छोड़ने की अनुमति के लिए भी लिखित आवेदन पत्र विभागीय नस्ती पर प्रस्तुत कर पूर्व स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। शासकीय कार्य दिवसों में न्यायालयीन प्रकरणों, विभागीय समीक्षा बैठकों अथवा अन्य शासकीय कार्यों के लिए मुख्यालय से बाहर जाने पर भी लिखित अनुमति लेना आवश्यक होगा।
कलेक्टर कोचर ने स्पष्ट किया कि बिना लिखित अवकाश स्वीकृति अथवा अनुमति के मुख्यालय से बाहर रहने की स्थिति में यदि कार्यालय में कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसके लिए संबंधित कार्यालय प्रमुख व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में, जब तत्काल लिखित स्वीकृति संभव न हो, तभी व्हाट्सएप या टेक्स्ट मैसेज के माध्यम से सूचना दी जाए। ऐसी स्थिति में मुख्यालय पर उपस्थित होते ही तत्काल लिखित कार्योत्तर स्वीकृति एवं अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
कलेक्टर कोचर ने अंत में सभी कार्यालय प्रमुखों को भविष्य में जारी किए गए इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।



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