दमोह में विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 का ब्लूप्रिंट पेश..
जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना और रोजगार गारंटी पर केंद्र का बड़ा फोकस..
दमोह |
दमोह में आयोजित एक एक्सक्लूजिव प्रेसवार्ता में विकसित भारत जी राम जी अधिनियम, 2025 के प्रावधानों और लक्ष्यों को पहली बार विस्तार से मीडिया के सामने रखा गया। कार्यक्रम के दौरान अधिनियम पर आधारित शॉर्ट फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें ग्रामीण भारत के कायाकल्प का रोडमैप प्रस्तुत किया गया।
प्रेसवार्ता में बताया गया कि अधिनियम के तहत हर वित्तीय वर्ष 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी रोजगार गारंटी सुनिश्चित की गई है। विकसित ग्राम पंचायत प्लान के अंतर्गत प्रस्तावित सभी कार्यों को विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक में एकीकृत किया जाएगा और योजनाओं का निर्माण पीएम गति शक्ति के साथ समन्वय में होगा।
चार प्रमुख फोकस क्षेत्र
जल सुरक्षा
मुख्य ग्रामीण अवसंरचना
आजीविका से जुड़ी गतिविधियां
आपदा एवं जलवायु सुरक्षा (क्लाइमेट रेजिलिएंस)
विकास मापदंडों के आधार पर पंचायतों को ए, बी और सी श्रेणियों में बांटकर आवश्यकतानुसार कार्यों का चयन किया जाएगा। खेती के बुवाई और कटाई के चरम मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारें प्रतिवर्ष अधिकतम 60 दिनों के लिए अधिसूचना जारी कर सकेंगी, जिनमें इस अधिनियम के तहत कार्य नहीं होंगे।
वित्तीय ढांचा और अधिकार..
यह केंद्र प्रायोजित योजना है—सामान्य राज्यों के लिए 60:40 और उत्तर-पूर्वी/हिमालयी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 90:10 का अंशदान तय किया गया है।
यदि तय समय में पात्र श्रमिक को काम उपलब्ध नहीं कराया जाता, तो बेरोजगारी भत्ता अनिवार्य होगा। केंद्र द्वारा नई मजदूरी दरें अधिसूचित होने तक मनरेगा की वर्तमान दरें लागू रहेंगी। राज्यों को 6 माह के भीतर योजना अधिसूचित करनी होगी।
लक्ष्य: आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत..
अधिनियम का मूल उद्देश्य सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत का निर्माण है—जहां एम्पावरमेंट, ग्रोथ, कन्वर्जेंस और सस्टेनेबिलिटी पर समान रूप से जोर दिया गया है। रोजगार सृजन के साथ पंचायतों को सर्कुलर इकोनॉमी में योगदान के लिए सक्षम बनाने की स्पष्ट रणनीति रखी गई है।
जन-जागरूकता और क्रियान्वयन..
प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर जनसंवाद आधारित IEC कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिनियम की तथ्यात्मक और एकरूप जानकारी राज्य से ग्राम स्तर तक पहुंचे।
प्रेसवार्ता में जिला पंचायत उपाध्यक्ष मंजू कटारे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे, परियोजना अधिकारी अभिलाषा शुक्ला सहित इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया के पत्रकार मौजूद रहे।
यह अधिनियम केवल रोजगार गारंटी नहीं, बल्कि जल सुरक्षा से लेकर जलवायु लचीलापन तक—ग्रामीण विकास का समग्र मॉडल पेश करता है, जो आने वाले वर्षों में पंचायत-स्तर की योजना और क्रियान्वयन की दिशा तय करेगा।
दमोह में विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 का ब्लूप्रिंट पेश..



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