कलेक्टर के प्रतिबंध के बावजूद दमोह से धड़ल्ले से बाहर जा रहा भूसा, रात में दौड़ती रहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
20 से ज्यादा वाहनों की सूचना, कार्रवाई सिर्फ 7 पर; प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
दमोह।
जिले से भूसे के परिवहन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद रात के अंधेरे में अवैध रूप से भूसा बाहर भेजे जाने का मामला सामने आया है। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर द्वारा हाल ही में जिले से बाजार में भूसा परिवहन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया था, ताकि जिले की गौशालाओं में पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इसके बावजूद बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और मिनी ट्रकों से भूसा जिले के बाहर ले जाते वाहन देखे गए।
जानकारी के अनुसार देर रात दमोह-जबलपुर बायपास मार्ग पर 10 से 15 ट्रैक्टर-ट्रॉली और मिनी ट्रकों में भूसा भरकर खड़े और गुजरते हुए दिखाई दिए। ग्रामीणों का कहना है कि मारुताल जबलपुर बायपास के आगे सीआईसीएम के पास करीब 30 से 40 गाड़ियां खड़ी थीं। इनमें से कई वाहन प्रशासन के पहुंचने से पहले ही जबलपुर की ओर निकल गए। वहीं कुछ वाहनों को रोकने का प्रयास भी किया गया।
इसी दौरान एक मिनी ट्रक में भूसा लेकर जा रहे चालक जुम्मन सूर्यवंशी ने बताया कि वह पटेरा के रनेह से भूसा भरकर जबलपुर के तिलवारा घाट स्थित एक गौशाला के लिए जा रहा है। ग्रामीणों ने मारुताल टोल प्लाजा के पास एक ट्रक चालक को रोककर मामले की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी और कार्रवाई की मांग की।
दरअसल, हाल ही में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की अध्यक्षता में गौशाला प्रबंधकों और सेवा समितियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में निर्णय लिया गया था कि जिले की गौशालाओं में मौजूद पशुओं के लिए चारे की कमी न हो, इसलिए दमोह जिले से बाहर भूसे के बाजार परिवहन पर रोक लगाई जाए। इसके लिए आदेश भी जारी किया गया था।
इसके बावजूद देर रात बड़ी संख्या में वाहन भूसा लेकर बाहर जाते देखे जाने से प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के पहुंचने तक मौके पर करीब 20 से 25 गाड़ियां मौजूद थीं, लेकिन बाद में सिर्फ 7 वाहनों पर ही चालानी कार्रवाई की गई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बाकी वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और उन्हें जब्त क्यों नहीं किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह जिले से भूसा बाहर जाता रहा तो स्थानीय गौशालाओं में पशुओं के लिए चारे की समस्या और बढ़ सकती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन, ज्ञापन और चक्का जाम जैसे कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।
मामले को लेकर जब रात्रिकालीन गश्त पर तैनात जबलपुर नाका एएसआई अभय सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मौके पर 7 गाड़ियां पाई गई थीं, जिन पर ओवरलोड के तहत चालानी कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है।
वहीं कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर और पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी का कहना है कि यदि प्रतिबंध आदेश के बावजूद भूसे का परिवहन किया जा रहा है तो मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि प्रतिबंध के बावजूद लगातार हो रहे परिवहन और सीमित कार्रवाई से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।



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