संजीवनी अस्पताल में फर्जी डॉक्टरों की भर्ती कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार..

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संजीवनी अस्पताल में फर्जी डॉक्टरों की भर्ती कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार..


भोपाल से दबोचे गए आरोपी, 45 लाख रुपये का मशरूका जब्त..


दमोह। संजीवनी अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डॉक्टरों की भर्ती कराने के मामले में दमोह कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में संलिप्त दो आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तीन लग्जरी वाहन और 5 लाख 36 हजार 900 रुपये नकद सहित लगभग 45 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है।


कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि इस मामले में अपराध क्रमांक 479/26 एवं 480/26 के तहत धारा 318(3), 338, 336(3) एवं 340(2) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही थी।


पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हीरा सिंह कौशल (44 वर्ष) निवासी कोहेफिजा, भोपाल तथा आदिल सिद्दीकी (37 वर्ष) निवासी बाग दिल खुश, भोपाल शामिल हैं।


पुलिस जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक काले रंग की थार वाहन क्रमांक एमपी-04-ज़ेडके-0111, एक सफेद रंग की आई-20 कार क्रमांक एमपी-04-वाईक्यू-4623, एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक एमपी-04-ज़ेडवाई-6569 तथा 5 लाख 36 हजार 900 रुपये नकद जब्त किए गए। जब्त किए गए मशरूके की कुल अनुमानित कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई गई है।


जानकारी के अनुसार 16 मई 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय से पुलिस को जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ था। जांच में सामने आया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत डॉ. कुमार सचिन यादव निवासी ग्वालियर एवं डॉ. राजपाल गौर निवासी सीहोर की भर्ती कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराई गई थी।


सीएमएचओ कार्यालय की रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आरोपियों की भूमिका सामने आने पर पुलिस टीम ने भोपाल पहुंचकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और भर्ती प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे। मामले में आगे भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।


इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष कुमार, उप निरीक्षक नीतेश जैन, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक सौरभ टंडन, प्रधान आरक्षक राकेश अठ्या, प्रधान आरक्षक अजीत दुबे, प्रधान आरक्षक हेमंत अवस्थी, प्रधान आरक्षक अभिषेक चौबे, आरक्षक ओमप्रकाश रैकवार, आरक्षक आयुष मिश्रा एवं आरक्षक नवल यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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