बुंदेली साहित्य को मिलेगा नया आयाम: बुंदेलखंड साहित्य अकादमी की स्थापना जल्द – राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी
संस्कृति परिषद भवन का निरीक्षण, “सिंधु मसाल” पत्रिका के द्वितीय अंक का विमोचन भी किया
दमोह/भोपाल
प्रदेश सरकार बुंदेलखंड अंचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और बुंदेली भाषा में हो रहे साहित्यिक सृजन को नया मंच देने जा रही है। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने घोषणा की है कि बुंदेली साहित्य के संरक्षण और संवर्धन के लिए जल्द ही “बुंदेलखंड साहित्य अकादमी” की स्थापना की जाएगी।

श्री लोधी बुधवार को संस्कृति परिषद् भवन पहुंचे जहाँ उन्होंने भवन की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में स्थानीय भाषाओं और बोलियों के साहित्यिक विकास हेतु विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं। बुंदेली जैसी लोकभाषा में हो रहे सृजन को संगठित रूप से प्रोत्साहित करने के लिए अकादमी की स्थापना एक अहम कदम होगा।

संस्कृति के क्षेत्र में अग्रणी प्रदेश बनने का संकल्प
राज्य मंत्री लोधी ने कहा, “प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता हमारी ताकत है और हमें इसे संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि परिषद भवन में सभी अकादमियों के कार्यालय कार्यों के अनुसार पुनः व्यवस्थित किए जाएंगे।

डिजिटल युग की तैयारी और पुस्तकालय की योजना
राज्य मंत्री ने निर्देश दिए कि भवन में मौजूद विशाल पुस्तकालय को आगामी समय में आम पाठकों और विद्यार्थियों के लिए खोला जाए, ताकि साहित्य के प्रति रुचि और अध्ययन को प्रोत्साहन मिले। उन्होंने भवन के डिजिटलाइजेशन पर भी बल दिया, जिससे कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावशाली बनाया जा सके।

“सिंधु मसाल 2023” पत्रिका का विमोचन
इस अवसर पर “सिंधु मसाल 2023” पत्रिका के द्वितीय अंक का विधिवत विमोचन भी किया गया। समारोह में संस्कृति परिषद् की निदेशक डॉ. पूजा शुक्ला, साहित्य अकादमी के निदेशक श्री विकास दवे सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्य मंत्री श्री लोधी ने परिषद के अधिकारियों और कर्मचारियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें अच्छे कार्य के लिए प्रोत्साहित किया और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।



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