दो मंत्री, एक सांसद, दो विधायक… फिर भी दमोह में अनुभवहीन नेतृत्व? प्रशासनिक नियुक्तियों पर उठे सवाल..
दमोह। राजनीतिक दृष्टि से मजबूत माने जाने वाले दमोह जिले में इन दिनों प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। जिले का प्रतिनिधित्व दो मंत्री, एक सांसद और दो विधायक करते हैं, इसके बावजूद जिला प्रशासन और पुलिस जैसे अहम विभागों की कमान अपेक्षाकृत नए अधिकारियों को सौंपे जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार हाल के समय में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर ऐसे अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिनकी यह शुरुआती पोस्टिंग रही है। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या इतने महत्वपूर्ण जिले में अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व की जरूरत को नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि नए अधिकारियों को फील्ड अनुभव देने के लिए जिलों में जिम्मेदारी देना सामान्य प्रक्रिया है। इससे अधिकारियों को जमीनी स्तर पर काम करने और प्रशासनिक निर्णय लेने का अवसर मिलता है। लेकिन जब एक ही समय में जिला प्रशासन और पुलिस दोनों की कमान नए अधिकारियों के हाथ में हो, तो समन्वय, निर्णय क्षमता और संवेदनशील मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
दमोह जैसे जिले में कानून-व्यवस्था, विकास कार्य, जल संकट, ग्रामीण समस्याएं, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाएं और राजस्व संबंधी मामलों जैसे कई मुद्दे लगातार बने रहते हैं। ऐसे में अनुभवी नेतृत्व को प्राथमिकता दिए जाने की अपेक्षा स्थानीय स्तर पर लंबे समय से जताई जाती रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मजबूत राजनीतिक प्रतिनिधित्व होने के बावजूद यदि जिले को स्थिर और अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व नहीं मिल पाता, तो इसका असर विकास योजनाओं की गति और आमजन की समस्याओं के समाधान पर पड़ सकता है। वहीं बार-बार नए अधिकारियों की नियुक्ति से प्रशासनिक प्राथमिकताओं में निरंतरता भी प्रभावित होती है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब दमोह को राजनीतिक रूप से प्रभावशाली जिला माना जाता है, तो फिर प्रशासन और पुलिस दोनों की जिम्मेदारी एक साथ नए अधिकारियों को क्यों सौंपी जा रही है? क्या यह केवल संयोग है, या फिर जिले को प्रशासनिक प्रयोगशाला की तरह देखा जा रहा है?
फिलहाल यह मुद्दा जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि दमोह को ऐसा नेतृत्व मिले जो अनुभव, स्थिरता और जनसमस्याओं के समाधान के साथ विकास को नई दिशा दे सके।



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