नागपंचमी पर वर्ष में एक बार खुले श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के पट, लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन..

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नागपंचमी पर वर्ष में एक बार खुले श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के पट, लाखों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन..

रात्रि 12 बजे हुआ पवित्र पटोत्सव, महंत विनीतगिरी ने किया पूजन, 4 लाख श्रद्धालु हुए लाभान्वित

दमोह/उज्जैन।सांवेर की धरती उज्जैन में श्रद्धा और आस्था का सैलाब एक बार फिर देखने को मिला, जब श्री महाकालेश्वर मंदिर के द्वितीय तल पर विराजमान भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के वर्ष में एक बार खुलने वाले पट 28 जुलाई की मध्य रात्रि 12 बजे खोले गए।हर वर्ष नागपंचमी के शुभ अवसर पर श्रद्धालु इस दुर्लभ दर्शन के लिए वर्ष भर इंतजार करते हैं। इस अवसर पर श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के महंत श्री विनीतगिरी जी महाराज द्वारा पारंपरिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर पट खोले गए। इसके पश्चात 29 जुलाई को दोपहर 12 बजे शासकीय पूजन संपन्न हुआ।

श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक भीड़, रातभर उमड़ी आस्था की गंगाश्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की पीआरओ श्रीमती गौरी जोशी के अनुसार, 28 जुलाई रात्रि 12:15 बजे से 29 जुलाई प्रातः 11:00 बजे तक लगभग 4 लाख श्रद्धालुओं ने श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के पावन दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा विशेष प्रबंध किए गए थे।नागराज के दर्शन का दुर्लभ अवसरभगवान श्री नागचंद्रेश्वर की प्रतिमा केवल एक दिन के लिए वर्ष में एक बार नागपंचमी के दिन ही दर्शनार्थ खुलती है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु इस दिन सच्चे भाव से दर्शन करता है, उसे जीवन में नागदोष सहित अन्य संकटों से मुक्ति मिलती है।व्यवस्था चाक-चौबंद, दर्शन सुविधाजनकदर्शन के दौरान भक्तों की सुविधा हेतु जल, छाया, मेडिकल, सुरक्षा और लाइन व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

प्रशासन, पुलिस, स्वयंसेवी संस्थाएं और महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति पूरे समय सक्रिय रही।श्रद्धा और संस्कृति का अद्भुत संगमनागपंचमी पर्व पर श्री नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन एक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संगम का प्रतीक बन गए। मंदिर प्रांगण में ओम् नमः शिवाय, हर हर महादेव और नागदेवता की जय के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

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